Ambedkar Row: 'यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है', शांभवी चौधरी ने जया बच्चन पर बोला हमला

Ambedkar Row: लोजपा (रा) सांसद शांभवी चौधरी ने जया बच्चन की मानसिकता पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि अगर कोई सांसद किसी महिला को असुरक्षित महसूस कराता है और यह बात जया बच्चन को नौटंकी लगती है तो यह ठीक नहीं है.

Ambedkar Row: संसद परिसर में 19 दिसंबर को हुई धक्का-मुक्की मामले में चोटिल हुए एनडीए के सांसदों पर समाजवादी पार्टी से सांसद जया बच्चन ने इस पूरे घटनाक्रम को नौटंकी बताया है. जया बच्चन के बयान पर लोजपा (रा) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह जया बच्चन का यह बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है. संसद में जो कुछ भी हुआ वह कैमरों के सामने हुआ. सदन एक सुरक्षित जगह है, अगर यहां पर किसी महिला को असुरक्षित महसूस कराया जाएगा तो यह ठीक नहीं है. यहां जो महिला सांसद हैं, वह जनता की प्रतिनिधि हैं और उनकी आवाज बनकर यहां पहुंची हैं. यहां जिस तरह से महिला सांसद के साथ बर्ताव हुआ और एक महिला सांसद का यह कहना कि वह नौटंकी कर रही हैं, यह निंदनीय बयान है.’

जया बच्चन ने उठाया था सवाल

जया बच्चन ने संसद परिसर में 19 दिसंबर को हुई धक्का-मुक्की मामले पर कहा कि हम लोग सभी हाउस के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन, बीजेपी के नेताओं ने हमें जाने नहीं दिया. सभी सीढ़ी पर मोटे-मोटे लोग खड़े थे. ऐसी स्थिति में अगर कोई दूसरे पर गिरेगा, तो उसके बगल वाला भी गिरेगा ही. मैं तो यही कहूंगी कि यह सब बेकार का ड्रामा है. सारंगी, राजपूत और नागालैंड की महिला सांसद से अच्छी एक्टिंग कोई भी नहीं कर सकता है. इन तीनों से अच्छी एक्टिंग करते हुए आज तक किसी को भी नहीं देखा. भाजपा के नेता सीढ़ी पर खड़े थे. नीचे तो हम लोग खड़े थे. हम ऊपर जाने की कोशिश कर रहे थे. मैं कहूंगी कि एक्टिंग से जुड़े सभी अवॉर्ड इन लोगों को दिया जाना चाहिए. यह सब कुछ किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह था. मैं खुद ही इसकी गवाह हूं कि ये लोग हमें संसद में जाने से रोक रहे थे. इन लोगों ने हमें धक्का दिया था, ताकि हम संसद में नहीं जा सके.

धक्का-मुक्की पर क्या बोलीं शांभवी चौधरी

संसद परिसर में  हुई धक्का-मुक्की पर शांभवी चौधरी ने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संसद वह जगह है जहां देश की परंपराएं स्थापित होती हैं. अगर यहां गुंडागर्दी होगी तो इसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आप अपनी बातों को मर्यादा में रहकर रख सकते हैं. धक्का-मुक्की करना ठीक नहीं है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दो सांसदों को धक्का दिया. दो सांसद अस्पताल में हैं. कांग्रेस किस तरह का गुंडाराज लाना चाहती है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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