Patna smuggling case: विदेशी सामानों की तस्करी से जुड़े 27 वर्ष पुराने मामले में पटना की अदालत ने 73 वर्षीय अभियुक्त को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया. एसडीजेएम द्वितीय सह आर्थिक अपराध के विशेष न्यायाधीश अफताब आलम की अदालत ने पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल स्थित हरदिया कोठी निवासी सुभान मियां को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
1999 में डीआरआई ने पकड़ा था ट्रक
मामले के अनुसार, 9 जुलाई 1999 को गुप्त सूचना के आधार पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित कर महात्मा गांधी सेतु, हाजीपुर स्थित टोल टैक्स कार्यालय में छापेमारी की थी. इस दौरान एक ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई. जांच में ट्रक पर एमएस ब्लैक पाइप लदे पाए गए. पाइप के नीचे छिपाकर रखे गए दस बंडलों से विदेशी सामान बरामद किए गए. इनमें मखमल का कपड़ा, शैंपू और सिगरेट शामिल थे.
सामान के दस्तावेज नहीं दिखा सका था अभियुक्त
पूछताछ के दौरान ट्रक पर सवार व्यक्ति ने एमएस ब्लैक पाइप से संबंधित दस्तावेज तो प्रस्तुत किए, लेकिन विदेशी सामानों से जुड़े कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका. बरामद विदेशी सामानों की कीमत उस समय करीब 4.21 लाख रुपये आंकी गई थी. जांच में यह सामने आया था कि सभी सामान नेपाल से तस्करी कर भारत लाए जा रहे थे. डीआरआई के अधिकारियों ने सामान को जब्त कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया था.
छह गवाहों की गवाही के बाद सुनाया गया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई. सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त सुभान मियां को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. करीब 27 वर्षों तक चले इस मुकदमे के बाद आए फैसले को आर्थिक अपराध और तस्करी के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
