पीएमसीएच में बच्ची की मौत के मामले में हाइकोर्ट के अधिवक्ताओं ने किया विरोध मार्च, डॉक्टर्स पर कार्रवाई की मांग

पटना उच्च न्यायालय (हाइकोर्ट) के अधिवक्ताओं ने तीन साल की बच्ची अवंतिका की मौत के मामले में न्यायिक जांच की मांग को लेकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया.

डॉक्टर्स पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की संवाददाता, पटना पटना उच्च न्यायालय (हाइकोर्ट) के अधिवक्ताओं ने तीन साल की बच्ची अवंतिका की मौत के मामले में न्यायिक जांच की मांग को लेकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया. अधिवक्ता समन्वय समिति के बैनर तले शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने पीएमसीएच के दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला. यह मार्च पटना उच्च न्यायालय के गेट संख्या- 4 से इनकम टैक्स गोलंबर तक निकाला गया. अधिवक्ता अशोक कुमार ने कहा कि यूनिट इंचार्ज डॉ महेश कुमार, एनेस्थीसिया सहित अन्य सर्जरी टीम में शामिल चिकित्सकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाये. उन्होंने कहा कि अवंतिका रॉय को दोनों पैर में फ्रैक्चर होने के बाद 27 नवंबर को पटना के पीएमसीएच में एडमिट कराया गया था. जब एनेस्थीसिया के डबल डोज के कारण छह दिनों के बाद छह दिसंबर सुबह 11:45 मिनट पर इलाज के क्रम में अवंतिका की मौत हो गई. इसके बाद नौ तारीख को नाना राम संदेश रॉय ने पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएएस ठाकुर से मुलाकात कर शिकायत की थी, जिसके बाद अधीक्षक ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया. ऐसे में रिपोर्ट को सार्वजनिक कर जल्द लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. विरोध मार्च का नेतृत्व पटना हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता धर्मनाथ प्रसाद यादव, समाज सेवी गुड्डू बाबा, रणविजय सिंह, राम जीवन सिंह, उदय प्रताप सिंह, प्रमोद कुमार, मुन्ना प्रसाद, शंभू शरण शर्मा, सुरेन्द्र यादव, विशेष कुमार, अरुण कुशवाहा सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शामिल थे.

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Published by: Durgesh kumar

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