‘अचक डोले, कचक डोले, खैरा-पीपल कभी ना डोले’...विरोधियों पर कुछ ऐसे टूट पड़ते हैं लालू

पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सियासत में अपने अनोखे अंदाज और चुटीली भाषा शैली के लिए भी जाने जाते हैं. कथित आयकर विभाग की 22 ठिकानों पर छापेमारी और हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों को झेल रहे लालू अपने तेवर कभी नहीं बदलते हैं. यही कारण है कि मीडिया उनके एक […]

पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सियासत में अपने अनोखे अंदाज और चुटीली भाषा शैली के लिए भी जाने जाते हैं. कथित आयकर विभाग की 22 ठिकानों पर छापेमारी और हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों को झेल रहे लालू अपने तेवर कभी नहीं बदलते हैं. यही कारण है कि मीडिया उनके एक बयान को अपनी टीआरपी के लिए मुफीद मानता है, वहीं, धुर राजनीतिक विरोधी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाते. दिल्ली-गुड़गांव में हुई आयकर विभाग की छापेमारी के बाद जब शुक्रवार को लालू मीडिया के सामने आये, तो उन्होंने अपने पुराने तेवर में विरोधियों की क्लास ली. लालू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अचक डोले, कचक डोले, खैरा-पीपल कभी ना डोले. उसके बाद, उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अंगद की तरह पैर गाड़ के खड़ा हूं. भाजपा को चैन से रहने नहीं दूंगा. मोदी सरकार की लंका को भस्म कर दूंगा. ये झांसों के राजा है. हमारे बाप-दादाओं को भी ये लोग गाली देते थे. समझ लो,मैं डरने वालों मे से नहीं हूं.

पहले भी दिया है चूटीला बयान

इससे पूर्व के कई मौकों पर लालू के बयान विरोधियों के लिए जहां काफी तल्ख रहते थे, तो कई बार उनके बयानों ने विवाद को भी जन्म दिया. एक मौके पर उन्होंने कह दिया कि बिहार की सड़कों को हेमामलिनी के गाल की तरह चिकनी बना देंगे. बिहार राज्य के बंटवारे के मौके पर उन्होंने कहा कि उनकी लाश पर बिहार का बंटवारा होगा. 15 साल के शासन में उन्होंने कई बार कहा कि जब तक समोसे में आलू रहेगा, तब तक बिहार में लालू रहेगा. लालू यादव अपनी रैलियों में कहते रहते हैं कि मेरी पहचान आम लोगों के बीच दूसरों से अधिक है, क्योंकि जब मैं लोगों के बीच जाता हूं तो लोग कहते हैं ललूआ आ गया ललूआ आ गया.

पत्रकारों को देते रहे हैं चुटीला बयान

एक मौके पर जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या आपने आरजेडी शासनकाल में कभी नकल की बात सुनी ? इस पर उनका जवाब था, नहीं सुनी होगी क्योंकि हम तो छात्रों को पूरी किताब ही दे देते थे. एक मौके पर उन्होंने कहा कि हम इतना काम करते हैं, अगर आराम नहीं करेंगे तो पगला जायेंगे. उन्होंने रेल मंत्री रहते आर्थिक सिद्धांत देते हुए कहा था कि अगर आप गाय को पूरी तरह नहीं दुहेंगे, तो वह बीमार पड़ जायेगी. उन्होंने यह भी कहा था कि मेरी मां ने सिखाया है कि भैंसवा को पूंछ से नहीं, बल्कि हमेशा सींग की तरफ से पकड़ो, मैंने जिंदगी में यही सबक अपनाया है. लालू यादव अक्सर धत बुड़बक जरूर बोलते हैं.

हेमा मालिनीपरदिया था बयान

हाल में लालू ने गौ रक्षा पर बयान देते हुए कहा था कि गौ रक्षा का ढिंढोरा पीटने वाले लोग खुद के घरों में कुत्ता पालते हैं, गाय नहीं. जानते हो न कौन हैं ई लोग ? हेमामालिनी उनकी फैन है, यह कहे जाने पर लालू ने कहा था कि मैं उनका एयरकंडीशनर हूं. रेलवे में बढ़ती चोरी की घटना पर कहा था कि यह तो होते रहता है. रेल का दायित्व भगवान विश्वकर्मा पर है. मैं उनका काम संभालने के लिए विवश नहीं हूं. मोदी के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि मोदी अगले कुछ दिनों में पागल हो जायेंगे. हमारे देश के प्रधानमंत्री बनने के लिए वे पागल हुए जा रहे हैं. लालू प्रसाद यादव ने एक बार आलू पर बोलते हुए कहा कि लालू के राज में आलू कभी मंहगा हुआ? लालू के राज में आलू 2 रुपया किलो. आलू 2 रुपया किलो. आलू 2 रुपया किलो.आलू 2 रुपया किलो. हटाओ. हमरा पॉवर दो, लालू का जब कांग्रेस नहीं हुआ. हम बैठाया इन लोगों को, बचाया तो लालू का नहीं हुआ तो जो सोचते होंगे कांग्रेस के लिए आपको कौन पूछने वाला है. मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं है. और ऐसे घसक रहे है जैसे लालू को जानते नहीं हैं.

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