पटना : नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के आरोपित ऑटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी और सेक्स रैकेट संचालन के आरोप में फंसे कांग्रेसी नेता ब्रजेश पांडेय का आवास रूपसपुर थाने में अगल-बगल में ही स्थित है. ब्रजेश पांडेय इंश्योरेंस का भी काम करता था और इसी दौरान उसकी जान-पहचान निखिल प्रियदर्शी से हुई. निखिल का घर रूपसपुर इलाके के विश्वेश्वरैया नगर में है, जबकि ब्रजेशपांडेय इसी इलाके के कालीकेत नगर में रहता है. सूत्रों के अनुसार निखिल प्रियदर्शी का ऑटाेमोबाइल का धंधा था और ब्रजेश पांडेय नेतागिरी के साथ ही इंश्योरेंस का भी काम करता था.
इस कारण निखिल ने इंश्योरेंस से जुड़ा कुछ काम भी ब्रजेश पांडेय को दिया था. ब्रजेश राजनैतिक रूप से निखिल की मदद करता था. निखिल और ब्रजेश की इसी दौरान जान-पहचान हुई. ब्रजेश पांडेय ने 2015 में कांग्रेस के टिकट पर पूर्वी चंपारण के गोविंदगंज से विधानसभा चुनाव लड़ा और निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 28 हजार वोटों से पराजित हुआ. इस चुनाव में निखिल प्रियदर्शी ने काफी मदद की थी और कई गाड़ियां भी उपलब्ध करायी थीं.
पैतृक गांव के बजाय पटना में ही रहा : ब्रजेश मूल रूप से पश्चिम चंपारण के जितवारपुर पीपरा गोविंदगंज का रहनेवाला है. लेकिन पटना में कई साल से रह रहा है. ब्रजेश ने मैट्रिक की परीक्षा मिलर हाइ स्कूल से और इंटर की परीक्षा द्वारिका कॉलेज से दी थी. इसके बाद जगन्नाथ मिश्रा ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. ग्रामीणों का कहना है कि ब्रजेश पांडेय पहले कभी भी गांव में नहीं आया और वह पटना में ही रहता है.
निखिल प्रियदर्शी हमेशा ही चर्चा में रहा है. कभी फाइनांस कंपनियों के पैसे गबन करने, ताे कभी किसी से पैसा लेकर उसे गाड़ी नहीं देने के आरोप में. इसके बाद कई कंपनियों द्वारा न्यायालय के माध्यम से उसके शोरूम प्रियदर्शी मोटर्स को सील कराया गया और वहां से गाड़ियों को जब्त करने की कार्रवाई की गयी. हाल में ही 17 फरवरी को फिर से एक फाइनांस कंपनी द्वारा न्यायालय के आदेश पर उसकी सगुना मोड़ स्थित महिंद्रा गाड़ी की एजेंसी प्रियदर्शी मोटर्स को सील कर दी. सील करने के लिए न्यायालय द्वारा नियुक्त रिसीवर की टीममुंबई से पटना पहुंची थी. इसके पूर्व में भी एक फाइनांस कंपनी द्वारा जब्ती की प्रक्रिया की जा चुकी है. इसमें कई वाहनों को सील कर उक्त एजेंसी अपने साथ ले गयीथी.
काफी मशक्कत के बाद निखिल की गिरफ्तारी हुई थी और उसने बाद में उसने शिकायतकर्ता से समझौता कर लिया था.इसके कारण वह जेल जाते-जाते बचा था. इसके बाद निखिल प्रियदर्शी उस समय चर्चा में आया, जब उसके ऊपर एक पूर्व मंत्री की नाबालिग से यौन शोषण का आरोप में एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. इस हाइप्रोफाइल मामले की प्राथमिकी होने के बाद आइजी कमजोर वर्ग एके यादव ने खुद इस मामले की मॉनीटरिंग की और जांच के लिए विशेष टीम का गठित की. प्राथमिकी में छात्रा ने निखिल के साथ ही उसके पिता और रिटायर्ड आइएएस कृष्ण बिहारी प्रसाद, भाई मनीष प्रियदर्शी और दोस्त संजीत शर्मा को आरोपित बनाया था.
ब्रजेश की गिरफ्तारी पर रोक की याचिका खारिज
पटना. सेक्स रैकेट मामले में फंसे ब्रजेश पांडेय की जमानत याचिका पर गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई. इसके बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 27 फरवरी को तय की है. ब्रजेश पांडेय के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे न्यायालय ने गुरुवार को खारिज कर दिया.
