गायिका एडेल ने जीते ग्रैमी के शीर्ष पुरस्कार
लॉस एंजिलिस : पटना में जन्मे व यहीं पढ़े-लिखे तबलावादक संदीप दास ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है. तबलावादक संदीप दास को चेलो प्लेयर यो यो मा के साथ युगलबंदी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ग्रैमी पुरस्कार मिला है. दास सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीतने वाले यो यो मा के सिल्क रोड एनसेंबल के एलबम ‘सिंग मी होम’का हिस्सा थे.
इसी श्रेणी में भारतीय सितार वादक अनुष्का शंकर का एलबम ‘लैंड ऑफ गोल्ड’ भी नामित था, लेकिन वह पुरस्कार से चूक गयीं. अनुष्का का ग्रैमी अवॉर्ड में यह उनका छठवां नॉमिनेशन था. ग्रैमी को ग्लोबल म्यूजिक की दुनिया का सबसे बड़ा अवॉर्ड माना जाता है. 46 साल के संदीप दास का जन्म पटना में 1971 में हुआ था. पटना के सेंट जेवियर हाइस्कूल में उन्होंने 1975 से 1985 तक पढ़ाई की. बाद में उनके पिता केएन दास का तबादला वाराणसी में हो गया था.
संदीप प्रसिद्ध तबलावादक किशन महाराज के शिष्य रहे हैं. यो यो मा के सिंग मी होम की धुनें दुनिया भर के विभिन्न कलाकारों ने तैयार की हैं. यह एलबम मा के दी म्युजिक ऑफ स्ट्रेंजर्स ‘यो यो मा एंड दी सिल्क रोड एनसेंबल’ नाम के प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्युमेंटरी का हिस्सा है.
मा और दास के अलावा इस एलबम में अन्य संगीतकार न्यूयॉर्क के रहने वाले सीरियाइ शहनाई वादक किनान अजमेह भी हैं. समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विरोधी भाषणों के चलन को आगे बढ़ाते हुए ग्रैमी पुरस्कार समारोह में भी कई सितारों ने राजनीतिक रुख अख्तियार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना की. हालांकि समारोह में ट्रंप के समर्थन में भी कुछ लोग दिखे.
