पटना : पीएमसीएच के कैदी वार्ड में कुख्यात कुंदन सिंह से मिलने उसके बेटे और सहयोगी जबरन अंदर प्रवेश कर गये और विरोध करने पर दो सिपाहियों गिरधर प्रसाद और सुनील कुमार को पटक-पटक कर पीटा. इतना ही नहीं कुंदन सिंह भी उन लोगों के साथ हो गया और उन लोगों ने दोनों सिपाहियों का गला दबा कर हत्या करने का प्रयास किया. इसके कारण कैदी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही पीएमसीएच टीओपी और पीरबहोर थाना पुलिस की टीम वहां पहुंच गयी और फिर दोनाें सिपाहियों की जान बची.
PMCH : कैदी वार्ड में मिलने से रोका, तो पुलिस को पटक-पटक कर पीटा
पटना : पीएमसीएच के कैदी वार्ड में कुख्यात कुंदन सिंह से मिलने उसके बेटे और सहयोगी जबरन अंदर प्रवेश कर गये और विरोध करने पर दो सिपाहियों गिरधर प्रसाद और सुनील कुमार को पटक-पटक कर पीटा. इतना ही नहीं कुंदन सिंह भी उन लोगों के साथ हो गया और उन लोगों ने दोनों सिपाहियों का […]

PMCH : कैदी वार्ड में मिलने से रोका, तो पुलिस को पटक-पटक कर पीटा
पुलिस ने कुख्यात कुंदन सिंह के बेटे दिव्यांशु, सहयोगी ऋषभ सिंह, विकास कुमार और निक्की कुमार को पकड़ लिया.कुंदन सिंह समेत पांचों के खिलाफ सिपाहियों के बयान के आधार पर पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. कुंदन सिंह टांसपोर्टर रविकांत की हत्या के मामले में बेऊर जेल में बंद है और वह 10 दिनों से आंख जांच कराने के लिए पीएमसीएच के कैदी वार्ड में आया हुआ है. सिटी एसपी मध्य चंदन कुमार कुशवाहा ने जेल भेजने की पुष्टि की और बताया कि इन लोगों ने जबरन अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया और जब गार्ड ने रोका, तो उनके साथ मारपीट की.
ट्रांसपोर्टर रविकांत की हत्या की थी
कुंदन सिंह और अन्य ने मिल कर ट्रांसपोर्टर रविकांत की हत्या 27 जुलाई, 2011 को मीठापुर बस स्टैंड में ही कर दी थी. इस मामले में कुंदन सिंह को पटना पुलिस ने 16 अगस्त को दिल्ली से पकड़ा था और उस समय से यह जेल में बंद है. इसके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
मीटिंग करने को पहुंचा था बेटा दिव्यांशु
कुंदन सिंह का बेटा दिव्यांशु, ऋषभ सिंह, विकास और निक्की कुमार पीएमसीएच के कैदी वार्ड में कुंदन सिंह से मिलने और मीटिंग करने के लिए पहुंच गया. सभी सीधे कैदी वार्ड के अंदर प्रवेश कर गये. वहां तैनात पुलिस ने जब उन लोगों को रोकने का प्रयास किया, तो वे उलझ गये और फिर मारपीट शुरू कर दी. कुंदन सिंह भी पहुंच गया और फिर पांचों ने मिल कर दोनों सिपाहियों को पटक-पटक कर पीटा और गला दबाने का प्रयास किया. इतने में टीओपी पुलिस को जानकारी मिली और उसने तुरंत ही वायरलेस से फ्लैश कर दिया, जिससे सभी चार पकड़े गये.