Bihar Land Survey: 900 भूमि सर्वे कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा, सामने आई ये बड़ी वजह

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वे की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विभाग लगातार नए-नए दिशा निर्देश जारी कर रही है. हाल ही में बिहार मंत्रिमंडल का भी विस्तार हुआ है. इसी बीच करीब 900 भूमि सर्वे कर्मचारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वे की प्रक्रिया जारी है. बीते दिनों बिहार मंत्रिमंडल का भी विस्तार हुआ. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए मंत्री ने शपथ ली. इस बीच विभाग की तरफ से कई कदम उठाए जा रहे हैं ताकि सर्वे प्रक्रिया में रैयतों को दिक्कत ना हो. अच्छे ढंग से और समय पर जमीन सर्वे का काम पूरा हो सके. इसको लेकर लगातार अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं. जमीन सर्वे की गति और तेज और आसान होने जा रही है. बिहार के सभी प्रमंडलों का सर्वर गुरुवार से सुचारु ढंग से काम करने लगा है. इससे दस्तावेजों की स्टोरेज की समस्या अब नहीं होने वाली है. रैयत अब सर्वे निदेशालय की वेबसाइट पर जाकर अपनी स्वघोषणा एवं वंशावली को सीधे अपलोड कर सकेंगे. साथ ही भूमि सर्वे करने वाले करीब 900 कर्मियों ने त्यागपत्र दे दिया है. 

24 घंटे में दूर करें तकनीकी समस्या

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने 27 फरवरी को शास्त्रीनगर स्थित सर्वे भवन में ऑनलाइन मीटिंग के जरिए सभी 38 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों से समीक्षा बैठक की. बातचीत का उद्देश्य था कि सभी प्रमंडलों का सर्वर अलग किए जाने के बाद क्या अभी भी कोई तकनीकी समस्या बची हुई है? अगर इस तरह की कोई समस्या है तो उसे 24 घंटे के भीतर दूर कर लें. दूसरी तरफ यह भी जानकारी दी गई कि सभी प्रमंडलों का आंतरिक लिंक अलग-अलग कर दिया गया है. यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि डिजिटाइज्ड एवं स्कैंड डाटा को सेव करने में कोई परेशानी न हो.

अंचलों में लगेगा विशेष शिविर

बता दें, जमाबंदियों में त्रुटि होने के कारण रैयतों को परेशानी हो रही है. इसमें सुधार के लिए अब सभी अंचलों में विशेष शिविर लगेगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी समाहर्ताओं को इसकी जानकारी दे दी है. शिविर की संख्या, अंचल, हलका और मौजा के साथ एफिलिएशन का निर्णय जिला स्तर पर लिया जाएगा.

करीब 900 कर्मचारियों ने दिया त्यागपत्र

सर्वे कर्मियों के त्यागपत्र और नो ऑब्जेक्शन के विषय से निदेशालय को जल्द अवगत कराने का निर्देश भी दिया गया है. आंकड़ों के अनुसार, गया में 42 और मधुबनी में 26 सर्वे कर्मियों ने त्यागपत्र दिया है. बिहार के सभी जिलों को मिलाकर त्यागपत्र देने वाले कर्मियों की संख्या करीब 900 है. इन कर्मियों ने जूनियर इंजीनियर के पद पर चयन के बाद सर्वे कर्मी के पद से त्यागपत्र दे दिया है. बताया जाता है कि इनकी नियुक्ति जूनियर इंजीनियर के नियमित पद पर हो चुकी है.

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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