बच्चे की चिंताजनक स्थिति, घटना स्थल पर पुलिस कर रही कैंप
पटना/बिहटा : बिहार में राजधानी पटना से सटे बिहटा में 12 वर्षीय नाबालिग बच्चे के गले पर धारदार हथियार से वार और दोनों आंख फोड़ने की नीयत से किये गये हमले के बाद सोमवार की सुबह से ही भारी हंगामा हुआ. गांव के ही देवी स्थान में अधमरे हालत में बालक के बरामद किये जाने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान जैसे ही उसने हमलावर पड़ोसियों के नाम बताये, गांव में तनाव बढ़ गया.
जिंदगी और मौत से जूझ रहे बालक के परिवार वाले एक तरफ उसका इलाज कराने में जुटे थे, तो दूसरी तरफ गांव के लोगों ने आरोपित पड़ोसियों का घर घेर लिया. तत्काल पुलिस पहुंची और पांच लोगों को गिरफ्तार किया. आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस दो लोगों को भगाने में मदद की है. इसके विरोध में सड़क जाम, हंगामा, आगजनी और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. मामला बढ़ता देख भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गयी है.
वहीं एएसपी ने आरोपितों पर कार्रवाई करने की बात कही है. दरअसल बिहटा गांव में जिस बालक पर हमला किया गया है, वह रात से ही गायब था. घरवाले उसे तलाश रहे थे. इस दौरान भाेर में करीब तीन बजे गंभीर रूप से जख्मी हालत में बच्चा देवी मंदिर के निकट मिला. पुलिस ने उसे रेफरल अस्पताल भेजा. वहां से डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया. वहीं मौके पर पहुंची बिहटा पुलिस ने चार आरोपितों रमेश चौधरी, सुरेश चौधरी, छोटू कुमार व सुधीर कुमार और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया. वहीं दो आरोपित जितेंद्र चौधरी उर्फ बिगन तथा विमलेश चौधरी भागने में सफल रहे.
इस संबंध में एएसपी निधि रानी ने कहा कि घटना का कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है. कुछ लोग गली का विवाद बता रहे हैं, जबकि बच्चे के परिजनों का कहना है कि उनका कोई विवाद उस परिवार से नहीं है. पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.
