पटना : सहरसा रेंज के डीआइजी चंद्रिका प्रसाद से रंगदारी मांगने की घटना ने एक बारगी सनसनी फैला दी थी. परंतु इस मामले की जांच में कुछ दूसरी कहानी ही सामने आ रही है. रंगदारी मांगने का आरोप जिस पर लगाया गया है, वह डीआइजी के परिवार या गोतिया का ही कोई सदस्य है. वहीं, मंगलवार को सरकार ने उनका तबादला कर बीएमपी उत्तरी मंडल (मुजफ्फरपुर) का डीआइजी बना दिया. इधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सेजब इस बारे में पूछे गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘डीआइजी साहब बहुत कमा लिए हैं क्या, वरना रंगदारी मांगने की हिम्मत किसमें है.’
जानकारी के मुताबिक डीआइजी का पटना के बेऊर इलाके में जमीन का बड़ा प्लॉट है, जिसे लेकर उनके परिवारवालों के बीच विवाद चल रहा है. यह जमीन उनके अलावा उनके परिवारवालों की भी संपत्ति है. इस सिलसिले में उनके हिस्सेदार ने जमीन में हिस्सा लेने या इसके बदले पैसा लेने के लिए डीआइजी को फोन किया था. फोन पर दोनों के बीच कहासुनी हो गयी, जिसके बाद बात बिगड़ने पर मामला उलझ गया. जमीन के बदले उनके हिस्सेदार ने पैसे की मांग की. लेकिन, दोनों तरफ से बात काफी बढ़ गयी. इस पर डीआइजी ने उस पर रंगदारी मांगने और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है. फिलहाल, इस मामले की जांच अभी चल रही है.
