पटना : बिहार के मधुबनी जिला के हरलाखी विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक बसंत कुमार की कल रात अचानक हुए मृत्यु के कारण आज शुरु हुआ विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया. इस कारण सभी नवनिर्वाचित विधायक शपथ नहीं ले पाए. 16वें बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आज पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरु होने पर अस्थायी अध्यक्ष सदानंद सिंह ने भाजपा की सहयोगी पार्टी रालोसपा के विधायक बसंत कुमार के निधनपर शोक की घोषणा की.
सदन द्वारा दिवगंत विधायक की आत्मा की चिर शांति के लिए कुछ क्षण का मौन धारण किए जाने के बाद सिंह ने कहा, ‘‘बसंत के निधन के कारण सदन की आज की कार्यवाही, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को सदन के सदस्य के रुप में शपथ दिलाया जाना था आज नहीं कराया जाएगा.’ उन्होंने निर्धारित समय से कल एक घंटा पूर्व अपराहन 11 बजे से कल सदन की शुरु की जाने वाली कार्यवाही के दौरान नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाए जाने की घोषणा के साथ सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी.
बिहार विधानसभा में दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, और प्रतिपक्ष के नए नेता प्रेम कुमार भी सदन में मौजूद थे. बाद में बसंत कुमार के पार्थिव शरीर को सदन परिसर में लाए जाने पर सदानंद सिंह, बिहार परिषद और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता क्रमश: सुशील कुमार मोदी, कई अन्य मंत्रियों एवं विधायकों ने उन्हें पुष्प अर्पित किए. बसंत कुमार का कल रात दिल का दौरा पडने से पटना मेडिकल कालेज अस्पताल में निधन हो गया. हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार मो0 शब्बीर को पराजित कर बसंत विधायक निर्वाचित हुए थे.
केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक बसंत के निधन के कारण 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में विपक्षी गठबंधन राजग के सदस्यों की संख्या घटकर अब 57 हो गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में रालोसपा के नवनिर्वाचित विधायक बसंत कुमार के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की. उन्होंने बसंत का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने अपने शोक-संदेश में कहा, ‘‘बसंत एक जुझारु कर्मठ एवं प्रसिद्ध राजनेता तथा प्रख्यात समाजसेवी थे. उनके निधन से न केवल राजनीति बल्कि समाजिक क्षेत्रों में भी अपूरणीय क्षति हुई है.’ उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घडी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.
बिहार विधानसभा के आज पहले दिन सदन की कार्यवाही स्थगित हो गयी पर हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद शुरुआती दिन में सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच मिलाप दिखा तथा वे एक-दूसरे को बधाई देते दिखे. सदन में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के दोनों नवनिर्वाचित पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव निर्धारित सीटों के अनुसार उनके बाद अपने-अपने स्थान पर बैठे. बिहार विधानसभा चुनाव में राजग के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा का एक मात्र विधायक विजयी होने के कारण पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सदन में अकेले बैठे नजर आए. बाढ़ से विधायक ज्ञानेंंद्र सिंह ज्ञानू जो कि इसबार भाजपा के विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए हैं पुरानी आदत के अनुसार सत्ता पक्ष वाले दरवाजे से सदन में प्रवेश किए पर जल्द ही उन्होंने अपनी गलती महसूस करते हुए विपक्ष की सीट की ओर बढ़ गए.
