पटना : महागंठबंधन के प्रमुख नेता नीतीश कुमार एवं लालू प्रसाद के निशाने पर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आ गये है. आरक्षण की समीक्षा किये जाने संबंधी मोहन भागवत के बयान पर एक ओर जहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को ट्वीट कर आरएसएस को बहुरुपिया बताया है. वहीं, नीतीश कुमार ने समस्तीपुर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कहा कि संघ के सामने भाजपा की कोई औकात नहीं है. एक बार मोहन भागवत ने जो कह दिया उसे ही भाजपा को स्वीकार करना होता है.
राजद सुप्रीमो ने भाजपा एवं संघ पर हमला तेज करते हुए आज ट्वीट किया और कहा कि आरएसएस एक जातिवादी संगठन है जो फर्जी हिंदुत्व एवं विकास के अपने गुप्त एजेंडे को ढकने की कोशिश में जुटा है. ऐसे बहुरुपिये से बचने की जरुरत है. लालू प्रसाद ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि आरएसएस जातिवादी ही नहीं, हिंदू विरोधी संगठन भी है.
उन्होंने कहा कि अगर ये हिंदुत्व के सच्चे हितैषी होते तो 90 फीसदी पिछड़े, दलित, वंचित, गरीब एवं आधे उत्पीड़ित हिंदुओं के संविधान प्रदत अधिकार आरक्षण को समाप्त करने की बात नहीं करते. लालू प्रसाद ने संघ प्रमुख मोहन भागवत एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि क्या गरीब, उत्पीड़ित, उपेक्षित हिंदू नहीं है.
राजद सुप्रीमो ने अपने आगे के ट्वीट में कहा कि आरएसएस का एजेंडा दस फीसदी स्वजातीय, अभिजात्य हिंदुओं के हित के लिए 90 फीसद पिछड़े, दलित, गरीब एवं उत्पीड़ित हिंदुओं की हकमारी कर उनका शोषण करना है.
वहीं, नीतीश कुमार ने संघ व भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कोई बात कह दी है, तो अब कही से भी धोखे में रहने की जरुरत नहीं है.
