हाईकोर्ट का निर्देश, अभियान से हटेंगे सीएम व मंत्री की तसवीरें

पटना: हाईकोर्ट ने मंगलवार को ‘आगे बढ़ चला बिहार’ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शहर में होर्डिग्स व पोस्टर लगाये जाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. मुख्य न्यायाधीश एल नरिसम्हा रेड्डी ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस अभियान के दौरान प्रचार वाहन से मुख्यमंत्री सहित […]

पटना: हाईकोर्ट ने मंगलवार को ‘आगे बढ़ चला बिहार’ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शहर में होर्डिग्स व पोस्टर लगाये जाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. मुख्य न्यायाधीश एल नरिसम्हा रेड्डी ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस अभियान के दौरान प्रचार वाहन से मुख्यमंत्री सहित राज्य के किसी मंत्री का विजुअल नहीं दिखाया जाएगा. अभियान पर सफाई देने कोर्ट पहुंचे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय को भी कोर्ट ने जमकर फटकार लगाया.

मुख्य न्यायाधीश ने कहा राज्य सरकार के अभियान बढ़ चला बिहार में नीतीश कुमार सहित अन्य सभी मंत्रियों के विजुअल्स तत्काल हटा दिए जाए. उपलिब्धयों को गिनाते समय नेता या किसी मंत्री का नाम नहीं होना चाहिए. इस मामले में सफाई देने पहुंचे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव को भी सख्त लहजे में फटकार सुनाया.

गौर हो कि पटना हाइकोर्ट ने ‘आगे बढ़ चला बिहार’ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शहर में होर्डिग्स व पोस्टर लगाये जाने पर सरकार को नोटिस जारी करते हुए मंगलवार को जवाब देने को कहा था. खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जदयू ने चार सौ ट्रक खरीदे हैं और उन्हें प्रचार के लिए भेजा है. सरकारी पैसे से शहर में बड़ी-बड़ी होर्डिग्स लगायी गयी हैं. यह आम लोगों के पैसे का दुरु पयोग है. इस पर रोक लगायी जानी चाहिए.

याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने होर्डिग्स पर किसी भी राजनेता की तसवीर लगाने से मना किया है. इसमें राष्ट्रपति और चीफ जिस्टस ऑफ इंडिया की तसवीर लग सकती है. खंडपीठ ने अपर प्रधान महाधिवक्ता को कोर्ट में तलब कर उनसे जवाब देने को कहा.

प्रधान अपर महाधिवक्ता ने कहा कि होर्डिग्स पर पैसा जदयू का खर्च किया जा रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि जितने भी पैसे इस पर खर्च हो रहे हैं, वह दुरु पयोग है. जिस राज्य में बिजली, सड़क, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के लिए पैसे नहीं हैं, वहां इन सब चीजों पर पैसे बहाये जा रहे हैं. कोर्ट ने सरकार को मंगलवार को जवाब देने को कहा था और आज इस मामले पर पुन: सुनवाई हुई.

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