दानापुर में बिहार रेजीमेंट केंद्र पर 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स का 33वां स्थापना दिवस, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

दानापुर के बिहार रेजीमेंट केंद्र में 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन ने अपना 33वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. इस अवसर पर वीरगति प्राप्त जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. बटालियन की गौरवशाली यात्रा और उपलब्धियों को याद किया गया.

Patna News : पटना के दानापुर स्थित बिहार रेजीमेंट केंद्र में शनिवार को 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन (बिहार) का 33वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया. यह अवसर न सिर्फ बटालियन की गौरवशाली यात्रा को याद करने का था, बल्कि उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का भी था, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.

इस खास दिन पर रेजीमेंट परिसर में अलग ही माहौल देखने को मिला. सैनिकों के चेहरे पर गर्व और आंखों में शहीद साथियों की याद साफ झलक रही थी. कार्यक्रम की शुरुआत वीर स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जहां सभी अधिकारियों और जवानों ने मिलकर शहीदों को नमन किया.

1994 में हुई थी बटालियन की स्थापना

24वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की स्थापना 1 अगस्त 1994 को कर्नल उमेद सिंह के नेतृत्व में की गई थी. स्थापना के बाद से ही इस बटालियन ने अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निभाया है. चाहे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां रही हों या कठिन ऑपरेशन, हर मौके पर इस यूनिट ने अपने साहस और दक्षता का परिचय दिया है.

उग्रवाद विरोधी अभियानों में इस बटालियन की भूमिका बेहद अहम रही है. जिस भी क्षेत्र में इस यूनिट की तैनाती हुई, वहां इसने अपनी कार्यकुशलता और बहादुरी से अलग पहचान बनाई. बटालियन में शामिल बिहार के जवानों का जज्बा और देशभक्ति हमेशा सराहनीय रही है.

वीरता के लिए मिल चुके हैं कई सम्मान

इस बटालियन के गौरवशाली इतिहास को उसके पुरस्कार और सम्मान भी बयां करते हैं. समय-समय पर इसके जवानों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई वीरता पुरस्कार हासिल किए हैं. इनमें एक कीर्ति चक्र, छह शौर्य चक्र, 28 सेना मेडल और 84 प्रशस्ति पत्र शामिल हैं.

इसके अलावा बटालियन को 2013 में थल सेनाध्यक्ष यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. साल 2000 में जीओसी-इन-सी उत्तरी कमान द्वारा भी यूनिट को प्रशंसा पत्र मिला. इतना ही नहीं, बटालियन को 'सरताज ट्रॉफी' से भी नवाजा गया और 2013 में इसे सबसे बेहतरीन राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का दर्जा दिया गया.

वीर स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम

स्थापना दिवस के मौके पर वीर स्मृति स्थल पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. रेजीमेंट के समादेष्टा ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा ने कर्नल ऑफ द बिहार रेजीमेंट की ओर से शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए.

इस दौरान रेजीमेंट के दंडपाल लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर कुमार मिश्रा, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान, सूबेदार संजय सिंह सहित कई जेसीओ और जवान मौजूद रहे. सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को याद किया और उनके बलिदान को नमन किया.

कार्यक्रम के दौरान सेना के बैंड ने वंदे मातरम और रेजिमेंटल गीत सहित कई देशभक्ति धुनें बजाईं, जिससे माहौल भावुक और गर्व से भर गया. वहां मौजूद हर शख्स के मन में देशभक्ति की भावना और भी प्रबल हो गई.

दानापुर में मनाया गया यह स्थापना दिवस सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन था. 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन ने अपने 33 वर्षों के सफर में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं. प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने साफ कहा कि देश की रक्षा के लिए यह जज्बा आगे भी इसी तरह कायम रहेगा और शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा.


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लेखक के बारे में

By संजय कुमार

संजय कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. झंझारपुर (मधुबनी) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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