आठवीं से नौवीं में जाने से पहले 20 प्रतिशत बच्चे बीच में ही छोड़ दे रहे पढ़ाई

जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में ड्रॉपआउट की समस्या कम नहीं हो पा रही है.

संवाददाता, पटना

जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में ड्रॉपआउट की समस्या कम नहीं हो पा रही है. शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के साथ ही उन्हें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. इसके बावजूद ड्रॉपआउट के प्रतिशत में खास सुधार नहीं हो पा रहा है. कक्षा पांचवीं से छठी और कक्षा आठवीं से नौवीं में जाने वाले बच्चों में बीच में पढ़ाई छोड़ने का प्रतिशत अधिक है. वर्ष 2024-25 में जिले के कक्षा पांचवीं से छठी में 12 प्रतिशत, तो आठवीं से नौवीं में 20 प्रतिशत बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं. हालांकि जिले के स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों में ड्रापआउट में सुधार हुआ है और सुविधाएं दी गयी हैं. वर्ष 2024-25 में कक्षा पांच में 1,41,323 व कक्षा छह में 1,25,424 बच्चों ने एडमिशन लिया था. इसी तरह वर्ष 2024-25 में कक्षा आठवीं में 1,10,325 व कक्षा नौवीं में 86,054 बच्चों ने ही एडमिशन लिया था. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने बताया कि बच्चों के ड्रॉपआउट की समस्या को दूर करने के लिए मुहिम चलायी जायेगी. इसके लिए जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मुहिम चलाकर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की सूची तैयार करने व उन्हें दोबारा स्कूल में दाखिले के लिए जागरूकता अभियान चलाया जायेगा.

कक्षा पांचवीं से छठी में 10% बच्चे छोड़ते हैं पढ़ाई

कक्षा पांचवीं के बच्चों का आंकड़ा

वर्ष- लड़के- लड़की- कुल

2020-21- 66106- 63643- 129749

2021-22- 66304- 62188- 128492

2022-23- 66504- 60788- 127292

2023- 24- 67709- 70122- 137831

2024- 25- 69110- 72213- 141323

कक्षा छठी के बच्चों का आंकड़ा

वर्ष- लड़के- लड़की- कुल

2020-21- 57478- 56696- 114174

2021-22-59730- 58097- 117827

2022-23- 59500- 55063- 114563

2023-24- 62110- 57653- 119763

2024-25- 64310- 61114- 125424

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Author: AMBER MD

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