फर्जीवाड़ा: फर्जी चेक से अब तक दो करोड़ से अधिक की निकासी

पटना: जालसाज गिरोह ने अब तक फर्जी चेक के माध्यम से पटना जिले के कई बैंकों से दो करोड़ से अधिक का भुगतान करा लिया है. इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है. बुधवार को पकड़े गये जालसाज गिरोह के सरगना यशवर्धन उर्फ मो सलीम (नाला सुपारा, मुंबई, महाराष्ट्र) ने पुलिस के समक्ष यह […]

पटना: जालसाज गिरोह ने अब तक फर्जी चेक के माध्यम से पटना जिले के कई बैंकों से दो करोड़ से अधिक का भुगतान करा लिया है. इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है.

बुधवार को पकड़े गये जालसाज गिरोह के सरगना यशवर्धन उर्फ मो सलीम (नाला सुपारा, मुंबई, महाराष्ट्र) ने पुलिस के समक्ष यह खुलासा किया है. इस गिरोह के सदस्यों ने बिहार समेत व अन्य राज्यों में कई बैंकों में फर्जी आइडी व पैन कार्ड की मदद से अपने एकाउंट खुलवा रखे हैं. पटना में ही गिरोह के लगभग एक दर्जन बैंकों में दो दर्जन से अधिक खाते हैं. यही नहीं, गिरोह ने उन बैंकों में ‘मेसर्स रिलैक्स टूर पैकेज’ नाम से भी एकाउंट खुलवाये हैं, जिनमें ज्यादातर में यशवर्धन खुद को संस्था का प्रोपराइटर बताया है.

वहीं कई खातों में सच्चिदानंद (सालिमपुर अहरा) व सचिन (बनारस) प्रोपराइटर बने हैं. सच्चिदानंद व सचिन फिलहाल फरार हैं. जालसाजों ने एग्जिबिशन रोड में कोटक महेंद्रा, अनिसाबाद में बैंक ऑफ इंडिया, राजाबाजार में कॉरपोरेशन बैंक, डाकबंगला चौराहो के आइडीबीआइ व अशोक राजपथ में एसबीआइ के बीकानेर व जयपुर शाखा में एक ही नाम से खाते खुलवा रखे थे. इन लोगों ने फर्जी चेक से गांधी मैदान के बैंक ऑफ इंडिया से ढाई लाख की निकासी की थी. अशोक राजपथ स्थित एसबीआइ की बीकानेर व जयपुर शाखा से चार लाख निकाले थे. अनिसाबाद स्थित बैंक से साढ़े चार लाख की निकासी की थी. सचिवालय डीएसपी डॉ मो शिबली नोमानी ने बताया कि पुलिस इसके नेटवर्क को खंगाल रही है.

पहले इनकार, फिर कबूला जुर्म

यशवर्धन ने पूछताछ में पहले तो गिरोह में शामिल होने से इनकार किया. बाद में उसने जुर्म को कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह केवल बैंक में चेक को जमा व निकासी का काम करता है. इससे उसे पांच फीसदी कमीशन मिलता है. चेक उसे सच्चिदानंद व सचिन देते थे. दोनों से उसकी दोस्ती मुंबई में उसके दोस्त रवि ने करायी थी. मालूम हो कि मंगलवार को यशवर्धन राजाबाजार स्थित कॉरपोरेशन बैंक में राजस्थान की कंपनी नेचुरो फुड एंड फ्रू ट प्रोडक्ट द्वारा मेसर्स रिलैक्स टूर पैकेज के नाम पर जारी किये गये चार लाख 84 हजार का फर्जी चेक जमा कराया था. बैंक को शक हुआ तो उसने कंपनी से संपर्क किया. पता चला कि उस नंबर का चेक कंपनी के पास ही है. इसके बाद यशवर्धन को बैंककर्मियों ने हस्ताक्षर छूटने के नाम पर बुलाया और पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया.

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