पटना : चितकोहरा के पास दो कट्ठे की जमीन पर दो लोगों का दावा है. राज कुमार शर्मा का कहना है कि वर्ष 2011 में उन्होंने रंजना दास से जमीन की रजिस्ट्री करायी है. वहीं, जमीन पर दावा करने वाला दूसरा पक्ष नरेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2007 में दूसरे से जमीन खरीदी है. इस बीच जनवरी में नरेश शर्मा अपने लोगों के साथ जमीन पर निर्माण करा रहे थे. राजकुमार शर्मा का कहना है कि उन्होंने निर्माण पर रोक लगाने के लिए 11 जनवरी को बेऊर थानेदार को आवेदन दिया था.
आरोप है कि थानेदार निर्माण रोकने के बजाय नरेश की बाउंड्रीवाल बनवा दी. जब इसकी जानकारी उन्होंने आइजी समेत अन्य पदाधिकारियों को दी, तो थानेदार ने राजकुमार शर्मा के दिये गये आवेदन पर ओवरराइटिंग कर दी. 11 जनवरी को दिये गये आवेदन को 22 जनवरी कर दिया. तिथि बदल कर यह साबित करने का प्रयास किया है कि निर्माण 11 जनवरी को हुआ है और आवेदन 22 जनवरी को मिला है. अब मामला आइजी के पास चला गया है. जल्द थानेदार को नोटिस मिल सकता है.
