पटना : नियोजित कर्मियों की सेवा को नियमित करने से संबंधित रिपोर्ट उच्च स्तरीय जांच समिति ने राज्य सरकार को सौंप दी है. कमेटी ने बंद लिफाफे में बेहद गोपनीय तरीके से अपनी यह अंतिम रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी है.
इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से संविदा पर बहाल डाटा इंट्री ऑपरेटर की सेवा को निर्धारित शर्तों के साथ नियमित करने की अनुशंसा की गयी है. प्राप्त सूचना के अनुसार, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डाटा इंट्री ऑपरेटरों की सेवा को नियमित की जा सकती है, लेकिन इससे पहले उन्हें विभागीय परीक्षा से गुजरना पड़ेगा. इस जांच परीक्षा में पहले से काम करने वालों को अच्छी-खासी अहमियत दी जायेगी. यानी इन्हें कुल निर्धारित अंक में कुछ अंक ग्रेस के तौर पर दिये जायेंगे. जबकि, जो युवा नये होंगे, उन्हें कोई अहमियत नहीं मिलेगी.
कितने अंक की परीक्षा होगी, समीक्षा के बाद
कितने अंक की परीक्षा होगी और कितने अंक की अहमियत होगी पहले से कार्यरत ऑपरेटरों को मिलेगी. इसका समुचित निर्धारण बेल्ट्रान और विभागीय स्तर पर समीक्षा के बाद ही किया जायेगा. इसके अलावा इनकी कांट्रेक्ट सेवा को बार-बार रिन्यू नहीं करने और सरकारी कर्मियों की तर्ज पर सेवा 60 वर्ष तक रखने की सिफारिश की गयी है. इससे पहले यह उच्चस्तरीय कमेटी अपनी दो रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है. इसमें डाटा इंट्री ऑपरेटरों को छोड़ अन्य कर्मियों की सेवा को नियमित करने से संबंधित अनुशंसा की गयी थी. इस बार डाटा इंट्री ऑपरेटरों से संबंधित रिपोर्ट भी सौंप दी गयी है.
