बिहार के किसानों की मदद करना सबसे पहली प्राथमिकता : CM नीतीश कुमार
पटना : बिहार के किसानों की अधिक से अधिक मदद करने की कोशिशों में सरकार लगी है. इसका ऐलान सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को सचिवालय स्थित संवाद में राज्य के किसानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक में की. बैठक के दौरान किसानों और प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को रखा. साथ ही विभिन्न फसलों को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : बिहार के किसानों की अधिक से अधिक मदद करने की कोशिशों में सरकार लगी है. इसका ऐलान सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को सचिवालय स्थित संवाद में राज्य के किसानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक में की. बैठक के दौरान किसानों और प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को रखा. साथ ही विभिन्न फसलों को लेकर सीएम नीतीश कुमार के सामने सुझाव को भी रखा.
‘संवाद’ के जरिये समस्याओं का समाधान
सीएम ने कहा कि किसानों ने कई सुझाव दिये. उनकी समस्याओं को जानने का अवसर मिला. सरकार किसानों से संवाद के जरिये उनकी समस्याओं को हल करने का कार्य कर रही है. राज्य में कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है. लेकिन, सरकार को और भी काम करने की जरूरत है. लोगों की अपेक्षा काफी बढ़ी हैं. बैठक में मौजूद युवाओं को देखकर लगता है कि उनकी कृषि में रुचि बढ़ी है.
बिहार की 76 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर
सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि बिहार के 89 फीसदी लोग गांव में निवास करते हैं. इसमें 76 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर करती है. गांव में रहने वालों की सुविधाओं के लिये काम किये जा रहे हैं. हर घर तक तक पक्की गली-नाली बनाये जा रहे हैं. सभी गांव-टोलों को पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है. किसानों की आय बढ़ाने और बेहतर माहौल देने के लिए कृषि रोडमैप पर काम किया जा रहा है.
‘जल जीवन हरियाली’ अभियान लाभदायक
सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिये ‘जल जंगल हरियाली’ अभियान की शुरुआत की गयी है. अगले तीन सालों में अभियान पर 24 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. हाल ही में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिये अभियान के तहत 5 करोड़ 18 लाख लोगों ने मानव श्रृंखला बनायी थी. अब, प्रत्येक महीने के पहले मंगलवार को एक घंटे पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा होगी.
इन फसलों को लेकर किसानों ने दिये सुझाव
बैठक के दौरान किसानों ने हॉर्टिकल्चर, केला, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, दलहन, चाय उत्पादन, फूलों की खेती, जैविक खेती, पान, मशरूम, मखाना, मधुमक्खी पालन को लेकर सुझाव दिये. बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री श्याम रजक, जल संसाधन मंत्री संजय झा, चीफ सेक्रेटरी एस सिद्धार्थ, सीएम के चीफ सेक्रेटरी चंचल कुमार, नर्मदेश्वर लाल समेत कई अधिकारी मौजूद थे.