पटना : मगध विवि से पीपीयू को अलग कर दिया गया है, लेकिन अब भी एमयू के दो सत्रों की परीक्षाएं बाकी हैं. वहीं पुराने छात्रों के भी कई तरह के मामले या जरूरतें जो पटना शाखा कार्यालय से पूरे हो जाते थे उसके हटने से छात्रों को काफी परेशानी हो गयी है.
किसी भी काम के लिए छात्रों को बोधगया का चक्कर लगाना पड़ता है. पहले तो यहां माइग्रेशन और अन्य छोटे-मोटे डॉक्यूमेंट्स के लिए आवेदन हो जाता था लेकिन अब उसके लिए भी बोधगया जाना पड़ता है. यही नहीं डिग्री या अगर नाम में या रजिस्ट्रेशन नंबर में किसी तरह की गड़बड़ी हो तो भी मुख्यालय ही जाना पड़ता है. छात्रों को 240 किलोमीटर आने-जाने में ट्रेवल करना पड़ता है जो मानसिक, शारीरिक व आर्थिक हर तरह से शोषण है.
एमयू का सत्र चल रहा पीछे : मगध विश्वविद्यालय का अब तक सत्र समाप्त हो जाना चाहिए था. लेकिन, सत्र न सिर्फ लेट बल्कि बहुत ही धीमी गति से चल रहा है. या तो परीक्षाएं ही नहीं हो रही हैं या फिर परीक्षाएं हो रही हैं तो रिजल्ट जारी नहीं हो रहा है. वेबसाइट पर रिजल्ट पेंडिंग दिखाता है और कॉलेज में रिजल्ट पहुंच नहीं रहा है. यहां शाखा कार्यालय से स्टाफ एमयू शिफ्ट कर दिये गये हैं, तो कोई कुछ बताने वाला नहीं है.
एमयू शाखा कार्यालय को एमयू शिफ्ट कर दिया
गया है. फिर भी अगर कोई कुछ परेशानी है, तो छात्र संबंधित काॅलेज के माध्यम से सीधे आवेदन एमयू को भिजवा सकते हैं. अधिक जरूरी होने पर ही मुख्यालय आएं.
भृगुनाथ सिंह, परीक्षा नियंत्रक, एमयू
