पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार की एनडीए सरकार ने प्रोमोशन में रिजर्वेशन की नीति का न सिर्फ समर्थन किया, बल्कि इसे लागू भी किया. उच्च न्यायालय की रोक के बाद बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट में पूरी मजबूती से लड़ रही है.
केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर पुनर्विचार याचिका दायर करने और संसद में विधेयक लाने जैसे विकल्पों पर जल्द ही पहल कर सकती है. एनडीए रिजर्वेशन के मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ वंचित वर्ग के साथ है. उन्होंने कहा कि बिहार में 23 वर्षों बाद जब लालू प्रसाद के शासनकाल में पंचायतों के चुनाव कराये गये तब उनकी सरकार ने दलितों-पिछड़ों को बिना रिजर्वेशन दिये एकल पदों पर चुनाव करा कर वंचित समुदायों के साथ अन्याय किया था. लालू-राबड़ी राज में ही दलितों के नरसंहार हुए.
उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि बिहार की पहली एनडीए सरकार ने दलितों-पिछड़ों को रिजर्वेशन देकर पंचायत और निकाय चुनाव कराये. राज्य में पहली बार दलित-वंचित समुदाय के 1600 लोग मुखिया बने. लालू प्रसाद केवल भ्रामक बयानबाजी कर रिजर्वेशन के मसीहा बनते हैं.
