आउटसोर्सिंग वाले 2200 कर्मियों को मिलेंगी कई सुविधाएं
पटना : राज्य के कई नगर निकायों में छह दिनों से चल रही ग्रुप डी के दैनिक कर्मियों की हड़ताल शनिवार की शाम खत्म हो गयी. सफाई कर्मियों के यूनियन नेताओं ने नगर विकास विभाग की अपील पर इसकी घोषणा की. इससे पहले पटना नगर निगम मुख्यालय में यूनियन नेताओं के साथ नगर विकास व आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर की वार्ता हुई.
इस दौरान मेयर सीता साहू और नगर आयुक्त अमित कुमार पांडेय सहित कई वार्डों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे. करीब डेढ़ घंटे की वार्ता के बाद सफाई यूनियन के आठ सूत्री मांग पत्र पर सहमति बनी.
विभाग के सचिव ने कहा कि दो से तीन दिनों के अंदर अतिरिक्त मैन पावर लगाकर पटना सहित अन्य निकायों में पसरी गंदगी को साफ कर दिया जायेगा. एक सप्ताह बाद यूनियन के नेताओं के साथ फिर बैठक होगी और अन्य मांगों व समस्याओं पर सहानुभूति व नियामानुसार विचार किया जायेगा.
निगम प्रशासन के साथ समझौते के बिंदुओं पर चंद्र प्रकाश सिंह, रामयतन प्रसाद, नंद किशोर प्रसाद, मंगल पासवान, नीरज कुमार, बिंदेश्वरी सिंह ने हस्ताक्षर किये. इस दौरान अपर नगर आयुक्त (सफाई) शीला ईरानी, अपर नगर आयुक्त (स्थापना) देवेंद्र प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. गौरतलब है कि सोमवार से पटना नगर निगम सहित अन्य कई शहरी निकायों में आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से सफाई कर्मियों को काम पर रखने और निकायों के माध्यम से सीधे काम कर रहे दैनिक मजदूरों को 31 जनवरी के बाद से हटाये जाने के आदेश के विरोध में हड़ताल पर चले गये थे.
तीन से चार दिनों में साफ हो जायेगी शहर की गंदगी
हड़ताल समाप्त होने की घोषणा के पूर्व नगर विकास व आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने कहा कि एक सप्ताह के बाद यूनियन के नेता, मेयर, नगर आयुक्त व कुछ पार्षदों के साथ बैठक होगी. इनके सभी बिंदुओं पर नियमानुसार व सहानुभूति पूर्वक विचार किया जायेगा. हड़ताल समाप्त होने के बाद तीन से चार दिनों के भीतर अतिरिक्त मानव बल व संसाधन लगाकर शहर की सारी गंदगी को साफ कराया जायेगा. कूड़े के फैलाव के कारण अन्य जो भी परेशानियां हुई हैं, उनको ठीक कर लिया जायेगा.
क्यों शुरू हुई थी हड़ताल
दरअसल, पूरा मामला दरभंगा नगर निगम के लोकायुक्त न्यायालय के एक मामले को लेकर सुनवाई के दौरान सामने आया था.
लोकायुक्त ने दरभंगा के मो सर्फुद्दीन बनाम मेयर एवं नगर आयुक्त मामले में बीते वर्ष 28 नवंबर को पारित आदेश में कहा था कि नगर निगम में दैनिक वेतन पर मजदूरों को रखना स्थायी भ्रष्टाचार का स्रोत है.उसी के आलोक में अन्य निकायों में भी आउटसोर्सिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद 28 जनवरी को नगर विकास के विशेष सचिव संजय कुमार ने सभी निकायों को 31 जनवरी तक दैनिक वेतन कर्मियों को हटाने का निर्देश दिया था. इसी के बाद हड़ताल शुरू हुई थी.
समझौते के आठ िबंदु
1. पटना नगर निगम में काम कर रहे 4300 दैनिक मजदूरों की सेवा बनी रहेगी
2. इनके नियमितीकरण की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी
3. आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे 2200 सफाई कर्मियों मिलेंगी सुविधाएं, न्यूनतम मजदूरी, इपीएफ, कर्मचारी राज्य बीमा व अवकाश संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जायेगा. इसके लिए निगम मुख्यालय स्तर पर एक सप्ताह में विशेष समिति बनेगी.
4. निगम में रिक्तियां भरने के लिए प्रोन्नति व समायोजन का जल्द शुरू किया जायेगा
5. निगम में तबादले में पारदर्शिता होगी, इस संबंध में नीति बनायी जायेगी
6. हड़ताल अवधि के दौरान सभी तरह की दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जायेगी
7. वेतन की कटौती नहीं की जायेगी
8. संयुक्त समन्वय समिति के नेताओं व अन्य कर्मियों पर दर्ज केस वापस होंगे
रात में शुरू हुई सफाई
शहर से कचरा हटाने में तीन-चार दिन लगेंगे
पटना : शाम को हड़ताल खत्म हाेने के बाद रात में शहर में सफाई शुरू कर दी गयी. अपर नगर आयुक्त (सफाई) शीला इरानी की देखरेख में गांधी मैदान, फ्रेजर रोड, एक्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, बेली रोड सहित मुख्य सड़कों पर जमा कचरे को हटाया गया. इस दौरान निगम के कार्यपालक पदाधिकारी भी मौजूद थे. शीला ईरानी ने बताया कि रविवार को अवकाश के बावजूद सफाई का काम जारी रहेगा. इससे पहले हड़ताली कर्मियों से मेयर, नगर आयुक्त सहित कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने एकजुट होकर सफाई में जुटने का आह्वान किया है. कर्मचारी समन्वय समिति के नेताओं ने शहर की गंदगी को तीन-चार दिनों के अंदर साफ करने की अपील की. मेयर सीता साहू ने कहा कि दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को हटाया नहीं जायेगा. वे शहर की सफाई में लग जाएं.
