एनआइटी से जमीन वापस लेने के लिए रिजॉल्यूशन हुआ पास
पटना : पटना यूनिवर्सिटी में बुधवार को सिंडिकेट की बैठक में कई अहम फैसले लिये गये. चार घंटे से अधिक चली बैठक में पीयू को पेपरलेस बनाने से लेकर एनआइटी से जमीन वापस लेने तक के रिजॉल्यूशन पास हुए हैं. इसके साथ ही सिंडिकेट, एकेडमिक काउंसिल व सीनेट सदस्यों को लैपटॉप देने का एजेंडा भी पास हो गया है. इसके साथ कई रीडर को प्रोफेसर में प्रोन्नति दी गयी. कुल लोग असिस्टेंट प्रोफेसर से रीडर भी बने. इसके साथ ही पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए उपराष्ट्रपति के पास प्रोपोजल भेजे जाने पर भी मुहर लगी.
वहीं, हेरिटेज बिल्डिंग के तहत मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से पास प्रोपोजल भेजा जायेगा. पीयू की जमीन जो एनआइटी कैंपस में है, उसे वापस लेने का रिजॉल्यूशन पास कर दिया गया है. जमीन वापस लेने के लिए राज्यपाल, राज्य सरकार, केंद्र सरकार व एमएचआरडी को पत्र लिखा जायेगा. सदस्यों ने इस बात पर भी सहमति जतायी है कि पटना मेट्रो के लिए पीयू की जमीन न ली जाये. पीयू की कई बिल्डिंग्स, जिनमें सीनेट हॉल व अन्य बिल्डिंग्स आ रहे थे, मेट्रो प्रोजेक्ट में जा रही हैं. सभी सदस्यों ने कहा कि पीयू का एक कोना तक टूटने नहीं देंगे.
पेपरलेस बनाने के प्रोपोजल को सिंडिकेट की बैठक में मिली सहमति
पीयू को पेपरलेस बनाने के सिंडिकेट सदस्य नीतीश कुमार टनटन के लिखित प्रोपोजल पर कमेटी ने सहमति दर्ज की और इसे बैठक में पास कर दिया. नीतीश कुमार टनटन ने सिंडिकेट सदस्य को लैपटॉप देने की भी मांग की. अब पीयू सिंडिकेट सदस्य, एकेडमिक काउंसिल मेंबर और सीनेट सदस्यों को लैपटॉप देगी.
बनेगा डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह रिसर्च और स्टडी सेंटर : बैठक में यूनिवर्सिटी में डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम से एक रिसर्च सेंटर तथा एक स्टडी सेंटर बनाये जाने पर भी मुहर लगी है. बैठक में जनसंख्या अनुसंधान केंद्रों को बेहतर करने को लेकर सभी लोगों से कानूनी राय ले कर अगली सिंडिकेट बैठक में चर्चा होगी.
हॉस्टलों की बढ़ायी जायेगी सुरक्षा : सैदपुर छात्रावास में आठ गार्डों की व्यवस्था भी की गयी है. सरस्वती पूजा के दौरान हुए बवाल में विवि प्रशासन की ओर से छात्रों के लिए कोई कदम न उठाये जाने पर भी सवाल खड़े किये गये.
वहीं, पीयू के किसी हॉस्टल में बाहरी लोगों का प्रवेश अब नहीं होगा. इसके लिए भी पीयू तैयारी शुरू करेगी. पूर्व सदस्य डॉ सुधाकर प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि के लिए दो मिनट का मौन रखा गया, उनका असामयिक निधन हो गया था. सिंडिकेट की बैठक में वीसी प्रो रासबिहारी प्रसाद सिंह, प्रतिकुलपति डॉ डॉली सिन्हा, रजिस्ट्रार कर्नल मनोज मिश्रा, सदस्य नीतीश कुमार टनटन, पप्पू वर्मा के साथ सभी कॉलेज के प्राचार्य व अन्य लोग शामिल थे.
14 शिक्षकों को प्रोमोशन
इस दौरान 14 शिक्षकों को प्रोमोशन दिया गया है. इसमें हिस्ट्री पटना कॉलेज के डॉ सुरेंद्र कुमार को, एजुकेशन में डॉ ललित कुमार को प्रोफेसर में प्रोन्नति दी गयी है.
वहीं, पॉलिटिकल साइंस में डॉ सीमा प्रसाद व डॉ दीप्ति कुमारी को भी प्रोफेसर में प्रोन्नति दी गयी है. फिजिक्स से डॉ सुरभि प्रसाद व डॉ सुनीता सिंह को प्रोफेसर और डॉ अमरेंद्र नारायण को रीडर में प्रोन्नति मिली है. केमिस्ट्री में डॉ रजनीश कुमार, डॉ इरशाद अली व डॉ शैलेंद्र कुमार को प्रोफेसर बने हैं. वहीं, लॉ से डॉ वाणी भूषण, डॉ वाइडी वर्मा, डॉ वीरेन कुमार गुप्ता व डॉ शिव शंकर व साइकोलॉजी में डॉ प्रियदर्शनी को रीडर में प्रोमोशन मिला है.
पटना : पटना विवि में बुधवार को पीयू कर्मचारियों की ओर से बड़ा आंदोलन कुलपति प्रो रास बिहारी प्रसाद सिंह ने अपनी सूझ-बूझ से दूर कर दिया.
गौरतलब है कि राजभवन से कर्मचारियों व शिक्षकों को अंतर विवि तबादला करने का ऑर्डर दिया था. इसी ऑर्डर का विरोध पीयू कर्मचारी संघ के नेताओं ने शुरू कर दिया. इस संबंध में पीयू कर्मचारी संघ ने बुधवार को बैठक बुलायी थी. बैठक के बाद कर्मचारी संघ के नेताओं ने कुलपति प्रो रास बिहारी प्रसाद सिंह से मुलाकात की. मुलाकात कर कुलपति से राजभवन की ओर से जारी चिट्ठी के बारे में कर्मचारियों को समझाया. कुलपति ने कहा कि केवल विवि के अंदर ही तबादला होगा. कोई कर्मचारी पीयू से दूसरे यूनिवर्सिटी या कोई दूसरे यूनिवर्सिटी के लोग यहां नहीं आयेंगे. पीयू के अंदर आने वाले कॉलेजों में ही ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया होगी. इस आश्वासन के बाद पीयू कर्मचारी संघ ने अपना रुख बदला.
