आलोक रंजन की गोली मारकर हुई थी हत्या
दानापुर : इंजीनियरिंग के छात्र आलोक रंजन की मौत से अनिता के घर का चिराग बुझ गया. एकमात्र बेटे को खोने के गम से वह नहीं उबर पा रही है. शुक्रवार को थाने के गोला रोड टी प्वाइंट के समीप आदर्श विहार कॉलोनी रोड नंबर दो निवासी व एलआइसी एजेंट अशोक कुमार के घर चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया है. परिजन व पड़ोस की महिलाएं अनिता को संभालने में लगी हैं. सांत्वना पर वह थोड़ी देर चुप हो जाती है. लेकिन बेटे की याद आते ही बिलख-बिलखकर रोने लग जाती हैं.
रोते-रोते अनिता कहती है कि वसंत पंचमी की रात करीब आठ बजे आलोक खाना खाने के बाद बाइक से यह कह गया था अपने दोस्त से मिलकर थोड़ी देर बाद आते हैं. जब देर रात आलोक की गोली मारकर हत्या की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया. अनिता देवी रोते-बिलखते कह रही थी कि एकमात्र बेटा था, उसे भी भगवान ने छीन लिया. घर का चिराग बुझ गया. मुहल्ले में मातम पसर गया. गुरुवार की देर रात आलोक की गोली मारकर हत्या करने की सूचना मिलने के बाद उसके पिता अशोक अपने करीबी के साथ पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल गये. वहां पर आलोक को सिर में एक गोली लगी हुई थी और मृत पड़ा हुआ था. शव पहुंचे ही मां अनिता व परिजन लिपटकर चीत्कार कर उठे.बताया जाता है कि मृतक के पिता अशोक मनेर के भतेहरी के मूल निवासी हैं. वहीं घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है.
