प्रशांत किशोर पर राजद में फूट, जगदानंद ने कहा- राजद या महागठबंधन में प्रवेश नहीं मिलेगा

पटना : प्रशांत किशोर को लेकर राजद में अलग-अलग सुर सामने आये हैं. जहां राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि राजद या महागठबंधन में प्रशांत किशोर को प्रवेश नहीं मिलेगा, वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने कहा कि वह यदि हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं तो […]

पटना : प्रशांत किशोर को लेकर राजद में अलग-अलग सुर सामने आये हैं. जहां राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि राजद या महागठबंधन में प्रशांत किशोर को प्रवेश नहीं मिलेगा, वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने कहा कि वह यदि हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है. कांग्रेस ने भी चुनाव में प्रशांत किशोर की सेवा लेने पर विचार करने की बात कही है. तेज प्रताप ने जगदानंद सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उन्हें सोच-समझ कर बोलने का सुझाव दिया है.
तेजप्रताप ने कहा, सार्वजनिक तौर पर खासकर मीडिया में इस तरह के बयान से उन्हें परहेज करना चाहिए. जगदानंद जी को मैं पिता तुल्य और अभिभावक मानता हूं, पर उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए, यह गलत है. वहीं, जगदानंद सिंह ने कहा कि मेरे हिसाब से प्रशांत किशोर कभी राजद और महागठबंधन का हिस्सा नहीं हो सकते हैं. हालांकि, हमारे पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है. आयेगा तब जाकर इस मामले में विचार किया जायेगा.
जदयू से प्रशांत किशोर के हटने के सवाल पर उन्होंने कि यह सब सुनियोजित तौर पर हुआ है, ताकि महागठबंधन में बिखराव पैदा किया जा सके. ये वही शख्स हैं, जिन्होंने पिछले चुनाव के जनादेश का अपमान कराया था. जिनकी वजह से जदयू ओर भाजपा को फायदा हुआ. इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि प्रशांत की पहचान एक चुनावी रणनीतिकार के रूप में है. जब चुनाव का समय आयेगा और पार्टी के अंदर विचार होगा कि उनकी क्या उपयोगिता है, तब पार्टी आलाकमान से पर बात करेंगे.
अब किधर जायेंगे, 11 को बतायेंगे प्रशांत किशोर : जदयू से निष्कासित प्रशांत किशोर 11 फरवरी को पटना में बड़ा एलान करेंगे. इस दिन दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित होगा. प्रशांत किशोर पटना आयेंगे और अपनी भावी योजनाओं के बारे में खुलासा करेंगे.
खुद प्रशांत किशोर ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि वह 11 फरवरी को पटना में माैजूद रहेंगे. यह पूछे जाने पर कि आप किसी दल को ज्वाइन करेंगे, उन्होंने कहा कि मुझे जो भी कहना होगा, जो भी करना होगा, 11 फरवरी को खुल कर कहेंगे. अब तक जदयू के चुनावी रणनीतिकार के रूप में चर्चित प्रशांत किशोर से पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया है. उन्हें पवन वर्मा के साथ दल की प्राथमिक सदस्यता से मुक्त कर दिया गया है.
फिलहाल प्रशांत किशोर की टीम दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में काम कर रही है. प्रशांत किशोर को लेकर राज्य की राजनीति में अब भी संशय की स्थिति है. बक्सर जिले के मूल निवासी प्रशांत किशोर ने 2014 में जदयू संगठन को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. हाल के दिनों में सीएए और एनआरसी को लेकर पार्टी लाइन से इतर बयान देकर उन्होंने जदयू को संकट में डाल दिया था. इसके बाद दल से उनका बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बिहार की बारी है.
नवंबर महीने में यहां चुनाव होना है. माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर चुप नहीं बैठेंगे. उनकी टीम यहां किसी-न-किसी दल के पक्ष में काम करेगी. लेकिन, किस दल के साथ उनका तालमेल होगा, प्रशांत किशोर ने फिलहाल बताने से मना कर दिया.

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