पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी स्कूल और कॉलेज के प्राचार्य को सख्त निर्देश दिया है. इसमें कहा है कि यदि किसी शिक्षण संस्थान के प्रधान मैट्रिक व इंटर के एडमिट कार्ड में खुद से सुधार करते हैं, तो उन पर कार्रवाई होगी.
प्राचार्य अपने संस्थान के किसी भी परीक्षार्थी के निर्गत हुए प्रवेशपत्र में उसके किसी भी विवरण में अपने स्तर से सुधार नहीं कर सकते हैं. यह मान्य नहीं होगा. केंद्राधीक्षक उस परीक्षार्थी को मात्र उसके प्रवेशपत्र, रौल शीट तथा उपस्थिति पत्र में अंकित विवरणों के आधार पर ही परीक्षा में सम्मिलित करायेंगे. प्रवेशपत्र के विवरण में परिवर्तन करने वाले शिक्षण संस्थान के प्रधान पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
गणित के आंसर शीट में रहेंगे 32 पृष्ठ : एनआरबी, अल्टरनेटिव अंग्रेजी, एमबी उर्दू तथा एमबी मैथिली के लिए 16, विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकायों, व्यावयायिक पाठ्यक्रम सहित सभी विषयों के लिए 24 व विज्ञान एवं कला संकाय के गणित विषय के लिए 32 पृष्ठों की आंसर शीट रहेगी.
अतिरिक्त कॉपी व ओएमआर शीट नहीं दी जायेगी. परीक्षार्थी पूरी कॉपी में किसी भी स्थान पर या किसी उत्तर में रौल कोड, रौल नंबर, नाम व स्कूल का नाम नहीं लिखेंगे. कॉपी के दोनों ओर लिखेंगे. परीक्षार्थी प्रश्नपत्र में दी हुई संख्या के अनुसार अपने उत्तर की संख्या लिखेंगे. परीक्षार्थी सभी प्रश्नों के उत्तर समाप्त होने पर अंतिम में नीचे एक क्षैतिज रेखा खींच देंगे. परीक्षार्थियों को उपस्थिति के लिए दो प्रकार के उपस्थिति पत्रक ए व बी परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध कराये जायेंगे.
