पटना : राज्य सरकार छोटे व्यापारियों या कारीगरों को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन अपना सामान बेचने की सुविधा मुहैया कराने जा रही है. जेम (गवर्मेंट इ-मार्केट) पोर्टल पर अब जल्द ही बिहार के प्रखंड स्तरीय छोटे व्यापारियों और कारीगरों के सामान भी उपलब्ध होंगे.
इससे कोई भी छोटे व्यापारी सरकार को अपनी क्षमता के मुताबिक सीधे सामान सप्लाइ कर सकते हैं. इसके लिए वित्त विभाग प्रखंड स्तर पर ऐसे इच्छुक व्यापारियों और योग्य कारीगरों का निबंधन कराने के लिए सभी प्रखंडों के स्तर पर विशेष कैंप लगायेगा. इस कैंप में ऐसे व्यापारियों और कारीगरों का निबंधन कराया जायेगा. इसके लिए अप्रैल के पहले सप्ताह से सिलसिलेवार तरीके से सभी 534 प्रखंडों में कैंप लगाने का क्रम शुरू हो जायेगा.
इस अभियान के पीछे मुख्य मकसद सभी स्तर के व्यापारियों या कारीगरों को सीधे वैसे ऑनलाइन मार्केट या माध्यम से जोड़ना है, जिससे सरकार सीधे खरीद करती है. सरकार के सभी विभागों को जेम पोर्टल से तमाम सामानों की खरीद करना अनिवार्य हो गया है. इसमें स्टेशनरी के सामान से लेकर गाड़ी या अन्य किसी तरह के उपकरणों की खरीद करना शामिल है. इस जेम पोर्टल पर अब तक बिहार के तीन हजार 871 वेंडर रजिस्टर्ड हो चुके हैं और 704 करोड़ का कारोबार हो चुका है. फिर भी बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी या कारीगर छूट गये हैं. इन्हें भी अपना व्यापार बढ़ाने का मौका देने के लिए इस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है.
अब इस पोर्टल से सामानों की खरीद करने के साथ ही किसी तरह की सेवा भी प्राप्त करने के लिए भी संबंधित कंपनियों का चयन किया जा सकता है. इस पर किसी तरह की कंस्लटेंसी लेने के लिए भी निबंधित एक्सपर्ट की टीम या कंपनी को हायर करने की सुविधा मुहैया हो गयी है.
धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाने के साथ ही आंचलिक स्तर के कारोबारी को भी सीधे इससे जोड़ने का काम किया जा रहा है. ताकि छोटे शहरों में मौजूद सरकारी कार्यालयों में सामानों की सप्लाई का काम से लेकर अन्य सभी सुविधाएं स्थानीय कारोबारी से ही प्राप्त की जा सके. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी.
