पांच नेत्र अस्पतालों के नेटवर्क में आया नेत्र संस्थान

पटना : आइजीआइएमएस स्थित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान देश के पांच बड़े आंख के अस्पतालों के नेटवर्क में शामिल हुआ है. इसके शेष चार अस्पतालों में श्री शंकर देवा नेत्रालय, गुवाहटी, आदित्य ज्योति आइ हॉस्पिटल मुंबई, चित्रकूट आइ हॉस्पिटल और मां अमृता आइ इंस्टीट्यूट शामिल हैं. देश के इन प्रमुख अस्पतालों का नेटवर्क आंख से जुड़ी […]

पटना : आइजीआइएमएस स्थित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान देश के पांच बड़े आंख के अस्पतालों के नेटवर्क में शामिल हुआ है. इसके शेष चार अस्पतालों में श्री शंकर देवा नेत्रालय, गुवाहटी, आदित्य ज्योति आइ हॉस्पिटल मुंबई, चित्रकूट आइ हॉस्पिटल और मां अमृता आइ इंस्टीट्यूट शामिल हैं.

देश के इन प्रमुख अस्पतालों का नेटवर्क आंख से जुड़ी बीमारियों का डाटा संग्रह करेगा और इसे केंद्र सरकार के साथ साझा करेंगे. इससे इन बीमारियों को लेकर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी. ये अस्पताल एक दूसरे को जरूरत पड़ने पर मरीजों के इलाज में भी सहयोग देंगे. यह नेटवर्क केंद्र सरकार की पहल पर बनाया गया है.
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में रिसर्च लैब की स्थापना की गयी है. इसमें आंखों से जुड़ी वैसी बीमारियां जो बिहार में ज्यादा हो रही हैं उन पर रिसर्च होगी. उदाहरण के लिए अभी आंखों के अल्सर की शिकायतों इन दिनों काफी मरीजों में देखने को मिल रही हैं. इस पर भी रिसर्च होगा. इस लैब से पहली बार बिहार में नेत्र रोगों से जुड़े नये आंकड़े सामने आयेंगे. लैब में दो वैज्ञानिक डॉ ललन व पंकज फिलहाल रिसर्च का काम करेंगे.
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान, आइजीआइएमएस के एचओडी डॉ विभूति पी सिन्हा ने बताया कि क्षेत्रीय नेत्र संस्थान सहित देश के पांच प्रसिद्ध नेत्र रोग अस्पतालों का एक नेटवर्क तैयार हुआ है. यह नेटवर्क बीमारियों के इलाज में एक दूसरे को सहयोग करेंगे. साथ ही बीमारियों से संबंधित डाटा संग्रहित करेंगे. इस डाटा का इस्तेमाल केंद्र सरकार नेत्र रोगों को लेकर नीतियां बनाने में करेगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >