पटना जू में गुवाहटी से आये गैंडा नागशंकर की हुई मौत

पटना : पटना जू में 8 जनवरी को जहां नन्हे जिराफ के जन्म से खुशी का माहौल था, वहीं साल की शुरुआत में ही जू में एक दुखद खबर सामने आयी. सोमवार को पटना जू में नर गैंडा नागशंकर की मौत हो गयी है. यह गैंडा जानवरों के अदला-बदली कार्यक्रम के तहत 7 दिसंबर, 2019 […]

पटना : पटना जू में 8 जनवरी को जहां नन्हे जिराफ के जन्म से खुशी का माहौल था, वहीं साल की शुरुआत में ही जू में एक दुखद खबर सामने आयी. सोमवार को पटना जू में नर गैंडा नागशंकर की मौत हो गयी है. यह गैंडा जानवरों के अदला-बदली कार्यक्रम के तहत 7 दिसंबर, 2019 को पटना जू में गुवाहाटी से लाया गया था. पटना जू के डायरेक्टर अमित कुमार ने कहा कि आते समय गैंडा बिल्कुल स्वस्थ था. किसी बीमारी के लक्षण नहीं पाये गये थे. लेकिन, अचानक 13 जनवरी की सुबह इसकी मौत हो गयी.
सैंपल को भेजा गया बरेली और कोलकाता : उद्यान के पशु चिकित्सकों और वेटनरी कॉलेज के पांच सदस्य टीम ने गैंडा का पोस्टमार्टम किया. ऐसे में मृत्यु की जांच के लिए इसके विभिन्न सैंपल आइवीआइआइ इज्जतनगर, बरेली व आरडीडीएल कोलकाता भेजे जा रहे हैं, जहां से रिपोर्ट आने के बाद ही जानकारी दी जायेगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत का पहला कारण कार्डियक रेसपिरेटरी फेल्योर है. पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है.
जू में अब बच गये 11 गैंडे
नागशंकर की मौत के बाद अब पटना जू में 6 फिमेल और 5 मेल सहित 11 गैंडे बच गये हैं. बता दें पटना जू गैंडा संरक्षण के मामले में विश्व प्रसिद्ध है. दूसरे कई राज्यों के मुकाबले पटना जू में गैंडों की संख्या काफी अधिक है. पटना जू में गैंडों के बेहतर रख-रखाव की व्यवस्था है. इसके लिए खास कर ब्रीडिंग सेंटर भी बना हुआ है. यहां राइनो की प्रजनन प्रक्रिया सही तरीके से होती है. ऐसे में पटना जू में गैंडा की मौत होने के बाद दुखद माहौल है

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