पटना : पिछले पांच महीनों से मनरेगा का पैसा नहीं आया है. इस कारण मनरेगा मजदूरों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है. जबकि, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल-जीवन-हरियाली के तहत होने वाला कार्य मनरेगा के तहत हो रहा है. पोखरा, तालाब, कुआं, आहर, पइन, रेन हार्वेस्टर, सोख्ता समेत अन्य कार्यों में मनरेगा के मजदूर लगे हैं.
मनरेगा में पांच महीनों से नहीं आया पैसा

मनरेगा में पांच महीनों से नहीं आया पैसा
Copied link
पटना : पिछले पांच महीनों से मनरेगा का पैसा नहीं आया है. इस कारण मनरेगा मजदूरों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है. जबकि, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल-जीवन-हरियाली के तहत होने वाला कार्य मनरेगा के तहत हो रहा है. पोखरा, तालाब, कुआं, आहर, पइन, रेन हार्वेस्टर, सोख्ता समेत अन्य कार्यों में […]
ग्रामीण इलाकों में मजदूरों को सरकारी योजनाओं में काम करने के बाद पैसों का इंतजार है. जिला प्रशासन की तरफ से इसके लिए रिमांइडर भी भेजा गया है. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पैसा आने वाला है. लेकिन, पांच महीनों तक पैसा नहीं आने से मजदूरों से काम लेना मुश्किल हो रहा है. तीन साल से मजदूरी दर में वृद्धि नहीं हुई है.
177 रुपये के दर से मजदूर आज भी काम कर रहे हैं. तीन साल पहले 168 रुपये मजदूरी थी. इसमें 11 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब 177 रुपये रेट हो गया है. लेकिन, तीन साल के बाद रेट नहीं बढ़ा है. जबकि, मजदूरों का रेट हर साल बढ़ना चाहिए.