‘सबका विश्वास स्कीम’ 15 जनवरी तक बढ़ी
पटना : बिहार में जीएसटी संग्रह पिछले महीनों की तुलना में दिसंबर, 2019 में बढ़कर एक हजार पांच करोड़ तक पहुंच गया है. पूरे देश में भी टैक्स संग्रह बढ़कर एक लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है. यहां केंद्रीय जीएसटी के तहत निबंधित एक लाख 83 हजार टैक्स देने वालों में 30-35 प्रतिशत व्यापारी आज भी ऐसे हैं, जो समय पर टैक्स जमा नहीं करते या देते ही नहीं हैं. ऐसे व्यापारियों को समय पर टैक्स देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
यह जानकारी केंद्रीय जीएसटी महकमा के मुख्य आयुक्त आर मंगा बाबू ने मुख्य कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि जिन्होंने जीएसटीआर-1 में रिटर्न जमा नहीं किया है, उन्हें 10 जनवरी तक के लिए मोहलत दी गयी है ताकि वे बिना किसी जुर्माना दिये टैक्स जमा कर दें. इसके बाद रोजाना 50 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगेगा. मुख्य आयुक्त ने बताया कि पुराने बकाये टैक्स को क्लियर करने के लिए चलायी जा रही योजना ‘सबका विश्वास’ की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 जनवरी, 2020 तक कर दी गयी है. इस योजना के तहत अब तक एक हजार 600 व्यापारियों ने अपने पुराने बकाये टैक्स को जमा कर जुर्माना एवं कार्रवाई से राहत पायी है. इसके तहत 375 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया जा चुका है.
इसके अंतर्गत समाधान पाने वाले 50 लाख से ज्यादा वाले टैक्स बकायेदारों की संख्या करीब 100 है. इन लोगों को जुर्माना और कार्रवाई से काफी राहत मिली है. इसमें अब तक पांच से सात साल पुराने मामले हल के लिए आये हैं. हालांकि विभाग ने यह अनुमान लगाया था कि इस योजना के तहत 27-2800 व्यापारियों को आना चाहिए था, लेकिन अब तक इससे कम लोग आये हैं. इस कारण भी योजना की तारीख बढ़ायी गयी है. इसके बाद भी जो व्यापारी अपना क्लेम का सेटलमेंट नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जायेगी.
