असलियत परखने जांच टीम गयी चेन्नई व जयपुर
पटना : स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में गड़बड़ी की कई शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मुकम्मल व्यवस्था की है. देश के विभिन्न प्रदेशों में पढ़ रहे बिहार के हजारों युवाओं के आये आवेदनों की विभाग जांच करवा रहा है. जिन कॉलेजों में पढ़ने के दो सौ से अधिक आवेदन आये हैं, विभाग उन कॉलेजों की वैधता की जांच करवा रहा है. शिक्षा विभाग की एक्सपर्ट की टीम जयपुर, उदयपुर, चैन्नई, अंबाला और ओड़िशा के कुछ शहरों में भेजी गयी है. जहां अधिकारी ऐसे संस्थानों की वास्तविक स्थिति की आकलन करेंगे.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग इस बार खासा सतर्क है क्योंकि राजस्थान,पंजाब व हरियाणा में पहले भी कई कॉलेज प्रतिबंधित किये जा चुके हैं.
गड़बड़ी को लेकर वैशाली व पूर्णिया पर भी नजर
विभाग के समक्ष इन राज्यों के विभिन्न शहरों में दो 200 से 400 के बीच क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत लोन के लिए आवेदन आये हैं. इसी तरह की जांच प्रदेश के अंदर भी कई जिलों में की जा रही हैं. ऐसे जिलों में खासतौर पर वैशाली और पूर्णिया शामिल हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग कॉलेजों से आ रहे आवेदनों पर बारीकी से अध्ययन कर रहा है. कुछ और जिलों के उच्च शिक्षण संस्थान जांच के दायरे में आ सकते हैं.
गौरतलब है कि पिछली बार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से शिक्षा ऋण के लिए कई आवेदन ऐसे कालेजों से आये थे, जिन कालेजों की मान्यता पर सवाल थे. कई ऐसे कालेज के नाम पर भी अावेदन आये थे, जहां सीट की निर्धारित क्षमता से अधिक नामांकन लिया गया था.
विशेष तथ्य एक अप्रैल से दिसंबर, 2019 के बीच 77637 ऑनलाइन आवेदन आये. बैंकों को 49137 आवेदन भेजे गये. 39159 आवेदन हुए मंजूर. बाकी अंतिम चरण में.चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए सरकार ने 984 करोड़ से अधिक राशि मंजूर की है.
अक्तूबर 2016 से अब
तक 78427 आवेदकों को लोन दिया गया.अब तक 895 करोड़ से अधिक राशि बांटी गयी.29763 आवेदकों को इस साल अभी तक 444 करोड़ से अधिक राशि मंजूर की गयी है.
