अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे एक नूर ते सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे

इस वाणी के अनुसार साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने ,किसी भी प्राणी में जात का भेद समाप्त कर दिया तथा वाह वाह गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला की एक नयी पद्धति चलायी. जिसमें गुरु शिष्य हो जाता है और शिष्य गुरु हो जाता है. इस तरह से उन्होंने उच्च और नीच का […]

इस वाणी के अनुसार साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने ,किसी भी प्राणी में जात का भेद समाप्त कर दिया तथा वाह वाह गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला की एक नयी पद्धति चलायी. जिसमें गुरु शिष्य हो जाता है और शिष्य गुरु हो जाता है. इस तरह से उन्होंने उच्च और नीच का भेदभाव समाप्त कर दिया. सरबंसदानी साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने अपना सर्वस्व दान करके, इतिहास में अमर स्थान बना लिया.

गुरुवार को गुरुद्वारा साहिब में गुरु जी का अटूट लंगर सुबह से ही शुरू कर दिया गया, जो पूरे दिन चलता रहा. कलगीदर सोसाइटी की ओर चालू अटूट लंगर सुबह 12 बजे से शाम छह बजे तक चलाया गया. इसमें सम्मिलित गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार सुरजीत सिंह एडवोकेट सरदार इंद्रपाल सिंह, सरदार स्वर्ण सिंह, सरदार सागर सिंह नगेंद्र, सीए सरदार बलजीत सिंह. सरदार स्वर्ण सिंह, सरदार रविंद्र सिंह, हड़ताली सरदार संजय सिंह, सरदार सुरेंद्र सिंह आदि कमेटी के लोग एवं सोसाइटी के लोग सम्मिलित थे.
गुरुद्वारा साहिब में सजे दीवान ए खास में पूरे दिन शबद कीर्तन चलता रहा. जिसमे राजपुरा चंडीगढ़ से आये रागी जत्था योग प्रचारक बाबा जगजीत सिंह तथा हजूरी रागी जत्था भाई जसवीर सिंह जी का अनमोल भजन कीर्तन एवं गुरमत विचार को सभी ने सराहा. इस बार के शबद कीर्तन में महिलाओं ने भी हजूरी रागी का साथ दिया.

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