गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली में इस बार भी नहीं दिखेगी बिहार की झांकी, जानें... क्या है वजह

पटना : गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में निकलने वाली झांकी में इस बार भी बिहार की झलक नहीं दिखेगी. केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्तावित जल-जीवन- हरियाली पर आधारित झांकी को परेड में शामिल करने से मना कर दिया है. केंद्र का तर्क है कि जल-जीवन-हरियाली पूरे देश की थीम है, यह सिर्फ […]

पटना : गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में निकलने वाली झांकी में इस बार भी बिहार की झलक नहीं दिखेगी. केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्तावित जल-जीवन- हरियाली पर आधारित झांकी को परेड में शामिल करने से मना कर दिया है. केंद्र का तर्क है कि जल-जीवन-हरियाली पूरे देश की थीम है, यह सिर्फ बिहार की नहीं हो सकती. बिहार को अपनी झांकी राज्य की खासियत पर बनानी चाहिए, पर राज्य सरकार ने केंद्र के तर्क को खारिज करते इसी थीम पर आधारित झांकी को राष्ट्रीय परेड में शामिल करने के लिए केंद्र को भेजा था. अब केंद्र ने इसे मना कर दिया है, तो राज्य सरकार की ओर से गांधी मैदान में निकाली जाने वाली झांकी में जल-जीवन-हरियाली को शामिल किया जायेगा.

दरअसल, केंद्र की आपत्ति के बाद राज्य सरकार ने कहा था कि जल-जीवन-हरियाली पर बिहार ने सबसे पहले कदम बढ़ाया है. यह राज्य सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट है. राज्य सरकार ने दूसरी किसी थीम पर झांकी भेजने से मना कर दिया. इसके बाद केंद्र सरकार बिहार की झांकी को खारिज कर दिया है. इसके पहले 2019 के गणतंत्र दिवस परेड पर भी बिहार की झांकी दिल्ली के परेड पर नहीं दिखी थी. केंद्र सरकार की ओर से परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन रक्षा मंत्रालय की उच्चस्तरीय कमेटी करती है.

बिहार की झांकी को खारिज किये जाने की राज्य सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है. गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश को पर्यावरण समस्या से निजात दिलाने के लिए जल-जीवन-हरियाली मिशन शुरू किया है. इसके तहत तीन वर्षों में साढ़े 24 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >