अब बिहार में देंगे कैंसर को शिकस्त

साकिब, पटना : अब बिहार में कैंसर को शिकस्त देने के लिए अमेरिका, मुंबई, बेंगलुरु, पटना समेत कई शहरों के डॉक्टर और वैज्ञानिकों ने मिलकर एक टास्क फोर्स बनायी है. इसका गठन देश के पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ श्रीनिवास और उनकी पत्नी किशोरी सिन्हा की स्मृति में किया गया है. डॉ श्रीनिवास पटना में […]

साकिब, पटना : अब बिहार में कैंसर को शिकस्त देने के लिए अमेरिका, मुंबई, बेंगलुरु, पटना समेत कई शहरों के डॉक्टर और वैज्ञानिकों ने मिलकर एक टास्क फोर्स बनायी है. इसका गठन देश के पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ श्रीनिवास और उनकी पत्नी किशोरी सिन्हा की स्मृति में किया गया है.

डॉ श्रीनिवास पटना में रहकर मरीजों का इलाज करते थे, उनके मरीजों देश और दुनिया की कई नामचीन हस्तियां थी. अब उनके पोते डॉ आदित्य श्रीनिवास और पोती डॉ सेवंती लिमये की पहल पर यह टास्क फोर्स बनायी गयी. डॉ आदित्य अमेरिका में कैंसर रोग विशेषज्ञ हैं
जबकि डॉ सेवंती लिमये मुंबई के प्रसिद्ध कोकिलाबेन अस्पताल में डॉक्टर हैं. इनकी टास्क फोर्स में बेंगलुरु में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ प्रशांत कुमार, मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के डॉ कुमार प्रभाष, आइजीआइएमएस के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अविनाश पांडेय समेत महावीर कैंसर अस्पताल के डॉक्टर, पटना के कई निजी अस्पताल के डॉक्टर शामिल हैं.
इसमें अमेरिका और मुंबई, बेंगलुरु आदि के डॉक्टर – वैज्ञानिक पटना के डॉक्टरों को देश और दुनिया की कैंसर के इलाज में अपनायी जा रही नयी तकनीक की जानकारी देंगे. उन्हें समय – समय पर ट्रेनिंग देंगे और अपने अनुभव उनसे साझा करेंगे. टास्क फोर्स बिहार में कैंसर के कारणों पर भी रिसर्च करेगी. मरीजों को कैसे सुलभता से और कम खर्च में बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने की कोशिश करेगी.
इसके बारे में जानकारी देते हुए डॉ आदित्य श्रीनिवास कहते हैं कि बिहार में कैंसर के मामले काफी बढ़ रहे हैं. हमारी कोशिश है कि बिहार में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करवाया जाये. इसी की खातिर कैंसर रोग विशेषज्ञों की यह टास्क फोर्स बनायी गयी है. इसमें सभी विशेषज्ञ बिहारी मूल के हैं.
हम अपने ज्ञान और अनुभवों का लाभ पटना और बिहार के डॉक्टरों को देना चाहते हैं. टास्क फोर्स समय – समय पर बैठकें कर इस दिशा में काम करेगी. हम कुछ नये रिसर्च आइडिया पर काम करना चाहते हैं. कैंसर के इलाज में क्या बाधाएं हैं इनकी पहचान कर उसे दूर करना चाहते हैं. कैंसर केयर की दिशा में काम करने की जरूरत है.
वह कहते हैं कि मैं खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पटना के डॉक्टरों के लिए उपलब्ध रहूंगा, वे मुझसे सलाह ले सकते हैं. वहीं मेरी बहन डॉ सेवंती लिमये अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर अभी मुंबई में हैं वह भी इस टास्क फोर्स से जुड़ कर काम करेंगी. हम सभी कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ श्रीनिवास के सिद्धांतों पर चलते हुए मिलकर इस प्लेटफॉर्म से काम करेंगे ताकि बिहार में कैंसर को शिकस्त दे सकें.
बढ़ रही है कैंसर रोगियों की संख्या
राज्य में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. एक अनुमान के मुताबिक हर वर्ष एक लाख से ज्यादा नये कैंसर मरीज बिहार में सामने आ रहे हैं. हर वर्ष 50 हजार से ज्यादा बिहारियों की मौत इससे हो रही है. सुविधाओं की कमी से लोगों को राज्य के बाहर जाना पड़ रहा है.

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