मरीजों के लिए हैंडलूम की बनी 40 हजार चादरें खरीदेगा पीएमसीएच

साकिब, पटना : पीएमसीएच में भर्ती होने वाले मरीजों को अब कई दिनों तक गंदी चादरों पर नहीं सोना होगा. पीएमसीएच प्रशासन 40 हजार चादरों की खरीदारी करने जा रहा है. इसके साथ ही हजारों की संख्या में कंबल भी खरीदे जायेंगे. इसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने तैयारी कर ली है, उम्मीद है कि कुछ […]

साकिब, पटना : पीएमसीएच में भर्ती होने वाले मरीजों को अब कई दिनों तक गंदी चादरों पर नहीं सोना होगा. पीएमसीएच प्रशासन 40 हजार चादरों की खरीदारी करने जा रहा है. इसके साथ ही हजारों की संख्या में कंबल भी खरीदे जायेंगे.

इसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने तैयारी कर ली है, उम्मीद है कि कुछ कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनवरी के प्रथम सप्ताह में ही खरीदारी का आदेश भी दे दिया जायेगा. इन चादरों की विशेषता होगी कि ये हैंडलूम की होंगी. इससे राज्य के हैंडलूम विक्रेताओं-कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा. सूचना के मुताबिक यहां कई वर्षों के बाद इतनी बड़ी संख्या में चादरों की खरीदारी की जायेगी.
प्रभात खबर ने पिछले दिनों यहां चादरों के कारण मरीजों को होने वाली परेशानी के बारे में खबर प्रकाशित की थी. हमारी तहकीकात में सामने आया था कि इसके वार्डों में मरीज कई दिनों तक एक ही गंदी चादर पर सोये रहते हैं और बार-बार मांगने पर भी इसे नहीं बदला जाता है. मांगने पर चादर भले नहीं मिलती थी, लेकिन गरीब मरीजों को सिस्टर की डांट खूब मिलती थी. मरीजों ने बताया था कि सिस्टर कहती हैं कि कभी-कभी अपनी चादर बिछा लिया करो.
सप्ताह के सात दिन बिछायी जाने वाली चादरों के रंग
रविवार बैगनी
सोमवार नीला
मंगलवार आसमानी
बुधवार हरा
गुरुवार पीला
शुक्रवार नारंगी
शनिवार लाल
चादरों की है भारी किल्लत
जबकि नियम के अनुसार पीएमसीएच प्रशासन को मरीज के बेड पर सप्ताह के सातों दिन सात अलग-अलग रंगों की चादर बिछाने का इंतजाम करना चाहिए था. वर्षों से यहां इस नियम की अनदेखी हो रही थी और मरीज गंंदी चादरों पर सोने के लिए मजबूर थे.
प्रभात खबर की टीम ने चादर रोज नहीं बदलने का जब कारण जानने की कोशिश की, तो पता चला कि यहां इसकी भारी किल्लत है और कम चादर होने के कारण रोजाना नहीं बदली जाती हैं. खबर छपने के बाद पीएमसीएच प्रशासन सक्रिय हुआ और अब चादरों की बड़े पैमाने पर खरीदारी करने जा रहा है.
कहते हैं मरीज
मरीजों के बेड की चादर रोज बदली जाये, इसे सुनिश्चित करने जा रहे हैं. इसके लिए 40 हजार हैंडलूम की बनी चादरें खरीदी जा रही हैं. चादर के साथ ही कंबल की भी खरीदारी की जायेगी. अगले कुछ दिनों में ही खरीदारी का आदेश दे दिया जायेगा. जनवरी में ही इसे खरीद लिया जायेगा.
डॉ विमल कारक, अधीक्षक, पीएमसीएच

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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