गर्दनीबाग टाउनशिप को पर्यावरण मंजूरी का इंतजार

पटना : गर्दनीबाग में टाउनशिप एरिया को डेवलप करने में पर्यावरण स्वीकृति आड़े आ रही है. पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण काम बाधित है. टाउनशिप एरिया में जजों व मंत्रियों के बंगले का निर्माण होना है. अधिकारियों व कर्मियों के आवास भी बनेंगे. जानकारों के अनुसार जजों के बंगले के डिजाइन का मामला […]

पटना : गर्दनीबाग में टाउनशिप एरिया को डेवलप करने में पर्यावरण स्वीकृति आड़े आ रही है. पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण काम बाधित है. टाउनशिप एरिया में जजों व मंत्रियों के बंगले का निर्माण होना है. अधिकारियों व कर्मियों के आवास भी बनेंगे. जानकारों के अनुसार जजों के बंगले के डिजाइन का मामला हाइकोर्ट में है.

हाइकोर्ट के निर्णय के बाद जजों के बंगले के निर्माण के लिए टेंडर निकलेगा. ऐसे मंत्रियों, अधिकारियों व कर्मियों के बंगले के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. टाउनशिप एरिया में जजों व मंत्रियों के 20-20 आवास बनेंगे. अधिकारियों व कर्मियों के लगभग 700 फ्लैट बनेंगे.
विभागीय सूत्र ने बताया कि गर्दनीबाग में पुराने सरकारी आवासों को तोड़ कर लगभग 65 एकड़ में नया टाउनशिप एरिया बसाने की योजना है. इसमें आवास निर्माण के साथ अस्पताल, खेलकूद मैदान व स्कूल आदि का निर्माण भी होना है. इसके साथ ही बापू टावर का भी निर्माण होना है. बापू टावर का निर्माण के लिए शिलान्यास होने के बावजूद काम में रफ्तार नहीं पकड़ी है.
पेड़ों को शिफ्ट करने की समस्या
गर्दनीबाग में बहुत संख्या में पुराने पेड़ हैं. नये आवास के निर्माण के लिए पेड़ों को हटाना आवश्यक है. पेडों को काटेे जाने पर रोक लगा दी गयी है. ऐसे में सभी पेड़ों को उखाड़ कर उसे दूसरे जगह शिफ्ट कराना सबसे बड़ी समस्या है. सूत्र ने बताया कि इसके अलावा इस इलाके में विदेशी पक्षियों के द्वारा भी पेड़ों पर घोंसले बनाये जाते हैं. पेड़ों को हटाने से पक्षियों को भी परेशानी होगी. हाइकोर्ट की ओर से इस मामले में पहले व्यवस्था करने के लिए कहा गया है.
पर्यावरण स्वीकृति नहीं होने के कारण पिछले डेढ़ साल से निर्माण का मामला लंबित है. टाउनशिप एरिया में मंत्रियों के बंगले, अधिकारियों व कर्मियों के मल्टीस्टोरेज आवास के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी. निर्माण पर लगभग 480 करोड़ खर्च होंगे.

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