फर्जी वेबसाइट बना युवाओं को ठग रहे साइबर फ्रॉड, कई मामले आये सामने
पटना : इन दिनों साइबर फ्रॉड नौकरी देने के नाम पर ठगी करने के मायाजाल में युवाओं को बड़ी संख्या में फंसा रहे हैं. उन्हें किसी सरकारी नौकरी में बहाली कराने का झांसा देकर आवेदन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ले रहे हैं.
पिछले एक साल के दौरान सरकारी महकमे या निगम के नाम पर गलत तरीके से वैकेंसी निकाल कर युवाओं से ठगी करने के चार-पांच मामले सामने आ चुके हैं. फिलहाल ऐसे सभी मामलों की जांच साइबर सेल में व्यापक स्तर पर चल रही है.
इन सभी मामलों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवाओं को पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब होती है, जब वे परीक्षा देने निर्धारित सेंटर पर पहुंचते हैं या ज्वाइनिंग के लिए सीधे संबंधित सरकारी कार्यालय में पहुंचते हैं. इसका खुलासा होने के बाद सरकारी महकमे भी हरकत में आकर इससे संबंधित एफआइआर करवाते हैं. अब तक हुई शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि सरकारी वेबसाइट के एड्रेस या डोमेन नेम में महज एक ‘डॉट’का हेरफेर करके ठीक वैसी ही वेबसाइट तैयार कर देते हैं.
इस आधार पर हो रही इन मामलों की जांच
अब तक हुई जांच में पता चला कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले पहले गलत-नाम पते पर खाता खुलवाते हैं. फिर इन्हीं खातों में तमाम रुपये मंगवाते हैं. इनका दूर-दूर तक कोई अता-पता या कार्यालय नहीं होता है. ये लोग किसी कमरे में ही बैठकर ऑनलाइन पूरे फर्जीवाड़ा का जाल बुनते हैं.
इसमें कई लोग बिहार के बाहर से ही बैठकर इसे रैकेट को संचालित करते हैं. जांच में इनके खुलवाये गये बैंक एकाउंट का पूरा विवरण लिया जा रहा है ताकि इनके ऑपरेट करने वालों का और इनसे किन-किन खातों में पैसे का ट्रांजैक्शन किया गया है. इसका पूरा विवरण मिल सके. फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले काम खत्म करके इस फर्जी वेबसाइट को हटा भी देते हैं. इससे इन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है.
किसी सरकारी महकमे या निगम के नाम पर गलत बहाली निकाल कर युवाओं से जमा करा ले रहे लाखों रुपये पिछले एक साल में सरकारी महकमों के नाम पर ठगी करने के चार-पांच मामले आ चुके सामने, चल रही जांच
इस तरह के मामले आये सामने
अब तक फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. पिछले एक साल के दौरान चार-पांच मामले सामने आ चुके हैं. हाल में बेल्ट्रॉन में ऐसा मामला सामने आया है.
इसमें भी बेल्ट्रॉन के अधिकारियों को तब जाकर इस फर्जीवाड़ा की जानकारी हुई, जब कुछ लड़के इंटरव्यू के लिए इसके प्रमुख कार्यालय पहुंचे. इसी तरह कुछ दिनों पहले कृषि विभाग, रेलवे व समाज कल्याण समेत अन्य विभागों में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े की बात सामने आ चुकी है. इसमें अधिकतर मामले सहायक, ऑपरेटर या ऐसे ही समकक्ष पदों के लिए किये गये हैं.
