अमित कुमार
विवि ने 99 कोर्स की सूची के साथ जारी की अधिसूचना
पटना : स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (स्वयं) के तहत चल रहे कोर्स भी पटना विश्वविद्यालय के छात्र कर सकेंगे. जनवरी 2020 से पटना विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम के तहत चल रहे अपने कोर्स के साथ-साथ छात्र ये कोर्स कर सकते हैं. विवि ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. विवि के द्वारा 99 कोर्स की एक सूची भी साथ में जारी की गयी है. सभी विभागाध्यक्षों को यह भेजा गया है. इसे नोटिस बोर्ड पर भी लगा दिया गया है. जो छात्र इनमें से कोई कोर्स लेना चाहते हैं तो वे इसके लिए अपने विभागाध्यक्ष से संपर्क कर सकते हैं.
क्रेडिट ट्रांसफर का रहेगा प्रावधान :
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के द्वारा ‘स्वयं’ के तहत उक्त कोर्स ऑनलाइन चलाये जा रहे हैं. इसे आइआइटी, आइआइएम, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऑनलाइन कोर्सेज छात्रों के लिए ऑफर करते हैं.
ये कोर्स एआइसीटीइ से स्वीकृत हैं. ये सारे कोर्स निशुक्ल और ऑनलाइन हैं. क्लासेज भी ऑनलाइन ही होंगे. विवि के कई विभागों में ‘स्वयं’ के तहत डीटीएच चैनल आदि दिखाने के लिए टीवी सेट्स भी लगाये गये हैं. कोई भी छात्र ये कोर्स कर सकता है. यूजीसी के द्वारा ही स्वयं कोर्स के तहत क्रेडिट ट्रांसफर का प्रावधान किया गया है. अलग-अलग यूनिवर्सिटी के माध्यम से स्वयं के तहत कई कोर्स चल रहे हैं जो ऑनलाइन उपलब्ध हैं.
लेकिन यहां एक बात ध्यान देने वाली होगी कि जो छात्र इन कोर्स को अपने कोर्स या किसी पेपर की जगह क्रेडिट ट्रांसफर के लिए चुनना चाहते हैं, उनका क्रेडिट उक्त पेपर के बराबर होना चाहिए. इसके लिए विवि में संपर्क कर स्थिति को स्पष्ट कर लें. सभी विभागाध्यक्षों से छात्रों के नाम और उनके द्वारा चयनित कोर्स की सूची विवि के द्वारा मांगी गयी है. इन कोर्स को एकेडमिक काउंसिल के समक्ष रखा जायेगा ताकि उक्त कोर्स की स्वीकृति ली जा सके.
होगा क्रेडिट ट्रांसफर
विवि के द्वारा स्वयं कोर्सेज की सूची के साथ अधिसूचना जारी कर दी गयी है. जो छात्र ‘स्वयं कोर्सेज’ को करना चाहते हैं वे इन कोर्स में चुन सकते हैं.
इसके बदले में छात्र को क्रेडिट ट्रांसफर किया जायेगा. सिर्फ यह ध्यान देना होगा कि वे जिस कोर्स को चुन रहे हैं, उनका क्रेडिट यहां चल रहे कोर्स से मैच करना चाहिए. ये सारे कोर्स छात्रों के लिए काफी उपयोगी हैं. छात्र अलग से भी कोर्स कर सकते हैं जिनका सर्टिफिकेट स्वयं के द्वारा ऑनलाइन ही जारी की जाती है. यह एड ऑन कोर्स की तरह होता है.
प्रो डॉली सिन्हा, प्रतिकुलपति, पटना विश्वविद्यालय
