पटना : भाजपा प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल का सुधार है. कुर्सी के चक्कर में नागरिकों के हित की अनदेखी करना कितना भयावह होता है, यह पाकिस्तान और बांग्लादेश सरीखे मुल्कों के अल्पसंख्यकों की स्थिति देख कर ही पता चलता है. 1947 में पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या 23 प्रतिशत थी, जो आज 3.7 प्रतिशत हो गयी है. पाकिस्तान में हर साल एक हजार हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण होता है.
यूएनएचआरसी की रिपोर्ट के अनुसार, वहां के 428 मंदिरों में सिर्फ 20 मंदिरों में ही पूजा होती है. हिंदुओं को शव को दफनाना पड़ता है. इसी तरह पूर्वी पाकिस्तान या बांग्लादेश में 1947 में अल्पसंख्यकों की आबादी 22 प्रतिशत थी, जो 2011 में घट कर 7.8 प्रतिशत रह गयी.
इसी तरह अफगानिस्तान में 1992 तक करीब दो लाख हिंदू और सिख थे. 2018 तक इनकी संख्या सिर्फ 500 रह गयी. पूरे देश ने देखा था कि किस तरह वहां भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा को तोप के गोले दागकर तोड़ दिया गया.
इन देशों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते रहा और कांग्रेस तुष्टिकरण के चक्कर में चुपचाप हाथ पर हाथ धरे देखती रही. इसके उलट हिंदुस्तान में 1951 में 9.8 प्रतिशत मुस्लिम थे, जो आज बढ़कर 14.23 प्रतिशत हो गये. यहां हिन्दुओं की जनसंख्या 1991 में 84 प्रतिशत थी, जो 2011 में घटकर 79 प्रतिशत हो गयी. इसलिए यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव की बात करना ही बेमानी है.
