पटना : बरसात में शहर को डूबने से बचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गयी है. कुछ काम हुए हैं, कुछ काम चल रहे हैं. इसकी विस्तृत समीक्षा उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को की.
सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में नगर विकास, पटना नगर निगम और बुडको के आलाधिकारियों के साथ बैठक कर पटना के सभी संप हाउसों की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने बताया कि पिछले दिनों हुई परेशानी को देखते हुए पटना को जलजमाव से पूरी तरह से निजात दिलाने और जल निकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की विस्तृत और ठोस रणनीति तैयार की गयी है.
इसकी दीर्घकालिक योजना के तहत 130 वर्ग किमी क्षेत्र के ड्रेनेज सिस्टम की प्लानिंग के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किया गया है. इसके साथ ही पटना के सभी 39 संप हाउसों को पानी में डूबने से बचाने के लिए ऊंची दीवार बनाने, पंप हाउस की मरम्मत कराने समेत अन्य कई तरह के कार्यों के लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं.
बिजली नहीं रहने पर डीजल जेनरेटर से भी चलेंगे संप : इन संप हाउस में बिजली नहीं रहने की स्थिति में सभी संप हाउस को सुचारु तरीके से चलाने के लिए उच्च क्षमता के ध्वनि रहित डीजी (डीजल जेनरेटर) सेट खरीदने की योजना है.
ऐसे इलाके जहां संप हाउस नहीं हैं, वहां के लिए अतिरिक्त ट्रॉली आधारित 40 डीजल पंप सेट अगले साल मई के पहले तक खरीदे जायेंगे, ताकि जलजमाव होने पर तेजी से पानी को निकाला जा सके. डेडिकेटेड फीडर के साथ ही सभी संप हाउस के लिए सीसीटीवी कैमरे और नियंत्रण कक्ष का निर्माण किया जायेगा.
एक अप्रैल से शुरू होगी सभी बड़े नालों की सफाई
पटना नगर निगम अगले साल 1 अप्रैल से पटना के कुर्जी, सैदपुर, मंदिरी समेत शहर के सभी नौ बड़े नालों और उनसे जुड़ी नालियों की बृहद सफाई करायेगा. प्रत्येक बड़े नाले के लिए एक-एक पदाधिकारी को प्रभारी बनाया गया है, जो सफाई, नालों की चौड़ाई, गहराई, अतिक्रमण की स्थिति और इनके पक्कीकरण समेत अन्य सभी बातों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे.
इसके साथ ही सभी मैनहोल और कैचपिट का सर्वेक्षण कर नक्शा तैयार किया जायेगा. इस बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा, उद्योग मंत्री श्याम रजक, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, पटना मेयर सीता साहु, नगर विकास सचिव आनंद किशोर, बुडको के एमडी चंद्रशेखर सिंह और नगर आयुक्त अमित कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
