नागरिकता संशोधन बिल को वापस लेने की मांग

फुलवारीशरीफ : मंगलवार को बिहार, झारखंड, ओड़िशा के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत शरिया में नागरिकता संशोधन बिल 2019 के विरुद्ध बिहार के मुस्लिम संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. एक स्वर में मांग की है कि भाजपा नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को वापस ले एवं उसको राज्यसभा में पेश न करे. सरकार भारत के […]

फुलवारीशरीफ : मंगलवार को बिहार, झारखंड, ओड़िशा के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत शरिया में नागरिकता संशोधन बिल 2019 के विरुद्ध बिहार के मुस्लिम संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. एक स्वर में मांग की है कि भाजपा नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को वापस ले एवं उसको राज्यसभा में पेश न करे. सरकार भारत के संविधान पर अमल करे एवं इस विधेयक द्वारा देश को नये विभाजन की आग में न झोंके. देश की सभी राजनैतिक पार्टियां इस विधेयक का विरोध जारी रखें.

राज्यसभा में इस विधेयक का खुला विरोध करते हुए इसके विरुद्ध अपना वोट डालें एवं इसको राज्यसभा में पास होने से रोकें. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुस्लिम संगठनों के नेताओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 में बिना किसी दस्तावेज के गैरकानूनी तौर पर आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी एवं ईसाई समुदायों के लोगों को नागरिकता दिये जाने की बात कही गयी है जबकि इस लिस्ट से केवल मुसलमानों को अलग रखा गया है. इसलिए केंद्र सरकार से हमारी मांग है कि वह तुरंत इस बिल को वापस ले एवं राज्यसभा में प्रस्तुत न करे.
साझा प्रेस काॅन्फ्रेंस में इमारत शरिया बिहार ओड़िशा एवं झारखंड के कार्यवाहक सचिव मौलाना मुहम्मद शिबली कासमी, रिजवान अहमद इसलाही, अमीर जमाते इस्लामी बिहार, शकील अहमद, कासमी इमाम व खतीब शाह गद्दी मस्जिद, अबुल कलाम कासमी शमसी, पूर्व प्राचार्य मदरसा शमशूल होदा पटना, अनवारुल होदा मुस्लिम मजलिसे मोशावरत पटना आदि मौजूद रहे.

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