वाहनों में लगने वाले मल्टीटोन हॉर्न के उपयोग पर प्रतिबंध लगे
पटना : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक, मेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निष्पादन के लिए राज्यों की एक दिवसीय बैठक आयोजित करने पर केंद्र सहमत हो गया है.
इस संबंध में शनिवार को नयी दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में सभी राज्यों के वन मंत्रियों की आयोजित बैठक में बिहार की ओर से केंद्र को सुझाव दिया गया कि वह राज्यों के साथ बैठक करे और इसका हल निकाले. मोदी ने बताया कि बिहार के इस प्रस्ताव पर केंद्र सहमत हो गया है. उन्होंने बैठक में ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए वाहनों में लगने वाले मल्टीटोन हॉर्न के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के छोटे अस्पतालों, नर्सिंग होम आदि जो किराये के मकान में चल रहे हैं या जिनके पास मेडिकल कचरा निष्पादन प्लांट लगाने की जगह नहीं है, उनके लिए मॉडल गाइडलाइन तैयार किया जाये. उन्होंने बताया कि राज्य को केंपा फंड के तहत 522 करोड़ रुपये में से तत्काल 140 करोड़ रुपये मिल जायेंगे. यह राशि अगले एक वर्ष में वनक्षेत्र में एक करोड़ पौधारोपण, 47,282 हेक्टेयर वनक्षेत्र में मिट्टी और पानी को बचाने, पहले लगाये गये पौधों के रखरखाव और नर्सरी के निर्माण सहित वन्य प्राणी संरक्षण पर खर्च होंगे.
लैंड बैंक होगा तैयार
मोदी ने कहा कि बिहार के 12 प्राकृतिक वन क्षेत्रों में से प्रत्येक में तीन सौ हेक्टेयर वनभूमि चिह्नित कर लैंड बैंक तैयार किया जायेगा. वन क्षेत्र के अन्य उपयोग के एवज में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित केंपा फंड में राज्यों की जमा 47 हजार करोड़ रुपये में से बिहार को 522 करोड़ हैं.
