पटना : रामजन्म भूमि स्थल की 2.77 एकड़ भूमि रामलला विराजमान को सौंपने के सुप्रीम कोर्ट के सर्वसम्मत ऐतिहासिक फैसले के 15 दिन बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने एलान किया है कि वह कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं देगा.
मंगलवार को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्विट का कहा कि वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने के फैसला से उन ताकतों को कड़ा संदेश दिया है, जो शांतिपूर्ण समाधान के बाद भी वोट बैंक की राजनीति के लिए बुझे चूल्हे की राख में चिंगारी खोजने की कोशिश कर रहे थे. डिप्टी सीएम ने नये राजद प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपनी पहली पारी में जब दलितों-पिछड़ों के रिजर्वेशन में कोई कटौती किये बिना ऊंची जाति के गरीबों को नौकरियों और दाखिलों में 10 फीसद रिजर्वेशन देने का बिल पास कराया था.
तब राजद ने संसद में इसका कड़ा विरोध किया था. अब बिहार प्रदेश राजद की कमान ऊंची जाति को सौंप कर सवर्ण समाज को लाली पॉप से बहलाने की कोशिश की गयी है. जिस सीनियर व्यक्ति को पत्नी,पुत्र,पुत्री मोह के चलते राजद में कभी सीएम मैटीरियल नहीं समझा गया. उन्हें अचानक पिछवाड़े के अंधेरे कमरे से ड्राइंग रूम में लाकर लालू प्रसाद किसे धोखा देना चाहते हैं?
