पटना : नशामुक्ति व हरियाली को लेकर 21 जनवरी को मानव शृंखला : सीएम नीतीश कुमार

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीर्ष अफसरों से दो टूक कहा कि नशाबंदी और शराबबंदी को लागू करने में बाधा बन रहा व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे छोड़ा नहीं जाना चाहिए.इस मामले में दायें-बायें करने वाले अफसरों को बर्खास्त करें. साथ ही उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2020 को शराबबंदी […]

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीर्ष अफसरों से दो टूक कहा कि नशाबंदी और शराबबंदी को लागू करने में बाधा बन रहा व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे छोड़ा नहीं जाना चाहिए.इस मामले में दायें-बायें करने वाले अफसरों को बर्खास्त करें. साथ ही उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2020 को शराबबंदी व नशामुक्ति , सामाजिक सुधार मसलन दहेज,बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता करने और जल-जीवन-हरियाली के लिए मानव शृंखला बनायी जायेगी.
इस बार हम पिछला रिकार्ड तोड़ेंगे. मुख्यमंत्री मंगलवार को ज्ञान भवन में मद्य निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने पुलिस, मद्य निषेध, गृह मंत्रालय आदि विभागों के अफसरों से कहा कि वे अनिवार्य तौर पर सप्ताह के पांचों कार्यदिवसों में रोजाना 30 मिनट शराबबंदी और नशामुक्ति नीति के क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए मीटिंग करें. इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ही लोग शराब की कथित होम डिलेवरी की बात कर रहे हैं, जो खुद पीते हैं. इससे गुमराह होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने इस बात का खंडन किया कि बिहार के जेलों में दो लाख से अधिक लोग शराब की तस्करी के आरोप में बंद हैं. कहा कि बिहार के जेलों की क्षमता केवल 40 हजार कैदियों की है. ऐसे में दो लाख लोग हम कैसे बंद कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि जब तक मैं सत्ता में हूं, तब तक शराबबंदी से पीछे नहीं हटूंगा. उन्होंने इस विचार का खंडन किया कि शराबबंदी से राजस्व में कमी आयी. कहा कि शुरुआती साल में थोड़ा-बहुत असर पड़ा, लेकिन अब इसका असर खत्म हो गया है . हमें खुशी है कि मेरी सरकार ने अपने राजस्व की नहीं, अपने प्रदेशवासियों की चिंता की. प्रदेश के लोगों को शराबबंदी से सामाजिक और आर्थिक तौर पर जबरदस्त फायदा हुआ है.
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब शराबबंदी की गयी थी, विपक्ष में होने के बाद भी हमने इसका समर्थन किया था. यह समर्थन अब भी बरकरार है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शराबबंदी का निर्णय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी, जीएसटी और सर्जिकल स्ट्राइक के निर्णयों की तरह जोखिम भरा था. ये सभी फैसले जनहित में लिये गये, िजन्हें जनता का समर्थन हासिल था.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मद्य निवेश दिवस कार्यक्रम का औपचारिक तौर पर उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय एवं अन्य वरिष्ठ अफसरों ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने मद्य निषेध और शराबबंदी में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अफसरों को भी पुरस्कृत किया. इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. सतत जीविकाेपार्जन योजना की वीडियो फिल्म भी दिखायी गयी.
शराबबंदी में दायें- बायें करने वालों को करें बर्खास्त
अफसर पता लगाएं िक पड़ोसी राज्यों में शराब की आपूिर्त बढ़ी है या घटी
सीएम ने कहा कि चालक और ड्राइवरों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा. उन्हें उनलोगों का पता लगाना होगा, जो शराब के अवैध धंधे या आपूर्ति में शामिल हैं. यहां तक कि बिहार के अफसरों को चाहिए कि वे पड़ोसी राज्यों में जाएं. वहां पता लगाएं कि वहां शराब की आपूर्ति बढ़ी है या घटी है. उन्होंने गुप्तचर विंग के अफसरों से कहा कि यह शराब कहां बनायी जा रही है, इसकी पुख्ता सूचना जुटाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
राजगीर में अगस्त तक पर्यटकों के लिए जू सफारी
बिहारशरीफ : मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजगीर में 480 एकड़ में बन रही जू सफारी का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अगस्त, 2020 तक इसे पर्यटकों के लिए खोलने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जू सफारी के पांच भागों में पांच तरह के जानवर जैसे-हिरण, भालू, तेंदुआ, बाघ और शेर रखे जायेंगे. जू सफारी के निर्माण पर करीब 177 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मुख्यमंत्री ने इसमें रहनेवाले जानवरों के नाइट सेल्टरसह फीडिंग रूम का मुआयना किया. मुख्यमंत्री ने जानवरों के इनक्लोजर को भी देखा और अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिये. जू सफारी में जानवर खुले क्षेत्र में रहेंगे और दर्शक बंद गाड़ी में इनको देख सकेंगे. जानवरों को डबल प्रोटेक्शन में रखा जायेगा. इसकी फेंस की ऊंचाई करीब 23 फुट होगी. मुख्यमंत्री के साथ उनके परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, सचिव अनुपम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जू सफारी के निदेशक हेमंत पाटील, डीएफओ डॉ नेसामणि सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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