जगदानंद सिंह होंगे आरजेडी के नये प्रदेश अध्यक्ष, बेटे को चुनाव में हरा कर दिया था पार्टी का साथ

पटना : बिहार में राष्ट्रीय जनता पार्टी (आरजेडी) में सोमवार को बड़ा फेरबदल हुआ. आरजेडी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और बक्सर के पूर्व सांसद जगदानंद सिंह को पार्टी के नये प्रदेश अध्यक्ष होंगे. प्रदेश अध्यक्ष होंगे. मिली जानकारी के अनुसार जगदानंद सिंह के नाम पर पार्टी की सहमति बन गयी है. पार्टी नेता तेजस्वी […]

पटना : बिहार में राष्ट्रीय जनता पार्टी (आरजेडी) में सोमवार को बड़ा फेरबदल हुआ. आरजेडी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और बक्सर के पूर्व सांसद जगदानंद सिंह को पार्टी के नये प्रदेश अध्यक्ष होंगे. प्रदेश अध्यक्ष होंगे. मिली जानकारी के अनुसार जगदानंद सिंह के नाम पर पार्टी की सहमति बन गयी है. पार्टी नेता तेजस्वी की मौजूदगी में सोमवार को उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया. मालूम हो कि इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे बिहार आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष थे. माना जा रहा है कि जगदानंद सिंह को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया जायेगा.

राजपूत बिरादरी से आनेवाले बक्सर के पूर्व सांसद जगदानंद सिंह व पार्टी के वरिष्ठ नेता को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सोमवार को पार्टी कार्यालय में बिहार प्रदेश के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया. इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे भी मौजूद थे. रामचंद्र पूर्वे चौथी बार प्रदेश अध्यक्ष पद पर हाल में नियुक्त किये गये थे.

जगदानंद सिंह को लालू प्रसाद यादव का काफी करीबी माना जाता है. शांत और निर्विवाद छवि वाले जगदानंद को प्रदेश आरजेडी की कमान सौंपे जाने को अगले साल बिहार में होनेवाले विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है. माना जा रहा है कि राजपूतों और सवर्णों को साथ जोड़ने की पहल के तहत जगदानंद सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गयी है. जगदानंद सिंह का जन्म 15 जुलाई, 1945 को हुआ था. वह कैमूर जिले के रामगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से आरजेडी के विधायक थे. 15वीं लोकसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर बक्सर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे.

बेटे को हरा कर दिया था पार्टी का साथ

जगदानंद सिंह लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के अनुयायी रहे हैं. लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जानेवाले जगदानंद सिंह ने साल 2010 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे को हरा कर आरजेडी का साथ दिया था. जानकारी के मुताबिक, परिवारवाद के चर्चित आरजेडी जगदानंद के बेटे सुधाकार सिंह को रामगढ़ से पार्टी के टिकट पर चुनाव में खड़ा करना चाहती थी. लेकिन, जगदानंद सिंह परिवादवाद का विरोध करते हुए अपने बेटे को आरजडी का टिकट नहीं लेने दिया. इसके बाद जगदानंद के बेटे सुधाकर सिंह बीजेपी में शामिल हो गये और बीजेपी के उम्मीदवार बन गये. जगदानंद सिंह अपने बेटे की राजनीतिक महत्वकांक्षा को नजरंदाज करते हुए रामगढ़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र में बेटे का साथ नहीं दिया और पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में डटे रहे. राजपूत वर्चस्व वाली रामगढ़ विधानसभा सीट पर पार्टी का साथ देने के कारण आरजेडी नेता अंबिका यादव जीत मिली और बेटा सुधाकर सिंह चुनाव हार गये.

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