दो शिफ्टों में 156 शहरों में कैट का हुआ आयोजन
पटना : कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) 2019 का आयोजन रविवार को शहर के कई सेंटरों पर ऑनलाइन संपन्न हुआ. परीक्षा में शामिल अधिकांश स्टूडेंट्स सेंटर पर समय से पहले ही पहुंच चुके थे. सभी सेंटर पर फर्स्ट शिफ्ट के लिए 8:45 के बाद एंट्री बंद कर दी गयी थी. कई स्टूडेंट्स देर से भी सेंटर पर पहुंचे. लेकिन, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली. फर्स्ट शिफ्ट की परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक व दूसरी शिफ्ट की दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक हुई. कैट पूरे देश में 156 शहरों में 374 केंद्रों पर दो शिफ्ट में हुई. परीक्षा में लगभग दो लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए. कंप्यूटर मोड में तीन सेक्शनाें से कुल 100 सवाल पूछे गये. हर सवाल के लिए तीन-तीन मार्क्स दिये जायेंगे. हर गलत आंसर के लिए एक नंबर काट लिया जायेगा.
एक बार पढ़कर प्रश्न हल करना हो रहा था मुश्किल
परीक्षाथिर्यों ने बताया कि कुछ खास सब्जेक्ट में औसत प्रश्न पूछे गये थे. लेकिन, अंग्रेजी के सवालों ने इस बार परेशानी में डाल दिया. अंग्रेजी के अधिकांश प्रश्न कठिन थे. पिछले साल की तुलना में इस पर प्रश्न थोड़े कठिन पूछे गये. सबसे कठिन पेपर इंग्लिश सेक्शन का था. क्वॉन्टिटेटिव एबिलिटी व डेटा इंटरप्रीटेशन के प्रश्न मिले जुले हुए थे. दोनों विषयों से ज्यादा कठिन प्रश्न नहीं पूछे गये थे. बीबीएम करके कैट देने वाले स्टूडेंट विकास कुमार ने कहा कि इंग्लिश लैंग्वेज कठिन लगा. उसे समझ पाना इजी नहीं था. इंग्लिश का पेपर बिल्कुल कठिन था. पैसेज समझने में काफी परेशानी हो रही थी. टाइम भी कम पड़ गया था. पैसेज को एक बार पढ़कर समझना मुश्किल था. क्वैंट सेक्शन में अंकगणित के सवाल पूछे गये थे. वर्बल सेक्शन के प्रश्न सभी परीक्षार्थियों को उलझाने वाले थे. कटऑफ 80 से 90 पर्सेंटाइल के बीच रहने की उम्मीद है. पिछले साल कैट एग्जाम का सर्वाधिक कटऑफ 95 पर्सेंटाइल था.
