पटना : पटना विवि समेत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में जहां वोकेशनल कोर्स को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वहां यह कोर्स नहीं चलेंगे. इसको लेकर राजभवन काफी सख्त हैं. यूजीसी का भी इस ओर कड़ा रुख है.
राजभवन ने सभी विश्वविद्यालय को इसको लेकर निर्देश दिये हैं कि वे अपने वोकेशनल कोर्स की समीक्षा स्वयं करे और जो भी जरूरी कार्रवाई है, उसे किया जाये. विवि को कहा गया है कि वह अपनी टीम बनाकर इनका निरीक्षण करें और जहां जो कमियां हैं उसे दूर करायें.
वोकेशनल कोर्स में सुविधाओं की भारी कमी : पटना विवि समेत पाटलिपुत्र विवि में चल रहे यूजी-पीजी वोकेशनल कोर्स की स्थिति काफी खराब है. लैब व लाइब्रेरी की स्थिति काफी ठीक नहीं है. पीयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में वोकेशनल की पुस्तकें नहीं है. वहीं कॉलेजों की मुख्य लाइब्रेरी में भी वोकेशनल कोर्स की किताबें नहीं के बराबर हैं.
सिर्फ संबंधित विभाग में ही कुछ किताबें मिलते हैं. लैब की स्थिति भी काफी खराब है. ज्यादातर कोर्स में लैब की सुविधा नहीं है. बीसीए जैसे कोर्स में भी कुछ कॉलेजों में कंप्यूटर आदि की कमी है. एमबीए, बीबीए, बॉयोटेक, मीडिया कोर्स आदि की भी स्थिति चिंता जनक है.
जबकि विवि व कॉलेज का पूरा बजट इन वोकेशनल कोर्स पर ही निर्भर करता है. वर्तमान में नैक की तैयारियों में भी बड़ी संख्या में वोकेशनल कोर्स का ही पैसा खर्च किया जाता है. लेकिन छात्रों की सुविधा के लिए उक्त राशि को खर्च नहीं किया जाता. शिक्षकों की भी भारी कमी है. सिर्फ एडहॉक शिक्षकों से काम चलता है. सरकार की ओर से कोई बहाली नहीं की जाती है.
