पटना : पटना मेट्रो के डीपीआर में डीएमआरसी की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर स्थानों पर परिवर्तन किया जा रहा है. दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन का सर्वे पहले की तुलना में अधिक उपयोगी होगा. क्योंकि, पुराने डीपीआर के अनुसार कई जगहों पर एलाइनमेंट बनाने में समस्या आ रही थी.
फ्लाइओवर बनने और पुराने भवनों के कारण अंडरग्राउंड को एलिवेटेड व एलिवेटेड को अंडरग्राउंड करना पड़ा रहा है. फिलहाल डीएमआसी ने जो मसौदा तैयार किया है. उसमें पहले आरपीएस मोड़ से पाटलिपुत्र स्टेशन मोड़ तक अंडरग्राउंड एलाइनमेंट को अब एलिवेटेड किया जा रहा है. यानी अब अब दानापुर कैंट से लेकर पाटलिपुत्र स्टेशन मोड़ तक मेट्रो एलिवेटड रूट पर ही गुजरेगी. अब ये तीनों स्टेशन ऊपर ही होंगे.
अंडरग्राउंड से बढ़ेगा खर्च : मेट्रो के अभियंता बताते हैं कि मेट्रो का एलाइनमेंट जितना अंडरग्राउंड होगा. मेट्रो की लागत उतनी बढ़ेगी. वहीं, मेट्रो को लेकर चल रही मिट्टी की जांच लगभग दो माह तक चलने की संभावना है.
फिलहाल 120 फीट से अंदर तक मिट्टी को निकाल कर जांच किया जा रहा है. इससे मिट्टी की भार वहन क्षमता की जानकारी मिलेगी. जानकारी के अनुसार डीएमआरसी ने जयपुर की कंपनी को मिट्टी जांच की जिम्मेदारी दी है. कुल दस मशीनों के मलाही पकड़ी, राजेंद्र नगर इलाके में मिट्टी जांच की जा रही है.
बेली रोड फ्लाइओवर के कारण परिवर्तन
बेली रोड पर बने फ्लाइओवर के कारण भी मेट्रो के एलाइनमेंट में परिवर्तन होगा. फ्लाइओवर तक मेट्रो को एलिवेटड के बदले अंडरग्राउंड गुजारने की तैयारी है. फलाइओवर के कारण ऊपरी निर्माण नहीं हो सकता है. इसके अलावा लोहिया पथ चक्र के कारण भी मेट्रो अंडरग्राउंड जायेगी. पटना जंक्शन से गांधी मैदान तक कई पुराने भवनों के कारण मेट्रो को अंडरग्राउंड करना होगा. जानकारी के अनुसार दस दिनों के भीतर सभी रूटों पर मेट्रो के एलाइनमेंट को फाइनल कर दिया जायेगा.
