पटना :कक्षा दो से आठवीं तक सिर्फ असेस्मेंट, टीइटी मॉडल अब देश भर में किया जायेगा लागू

बिहार सरकार के तीन प्रस्तावों को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में किया गया शामिल पटना : प्रस्तावित नयी शिक्षा नीति में बिहार के टीइटी मॉडल को अब देश भर में प्रभावी किया जायेगा. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रस्तावों में शामिल कर लिया गया है. इसे अब अनिवार्य किया जा रहा है. नयी शिक्षा नीति […]

बिहार सरकार के तीन प्रस्तावों को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में किया गया शामिल
पटना : प्रस्तावित नयी शिक्षा नीति में बिहार के टीइटी मॉडल को अब देश भर में प्रभावी किया जायेगा. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रस्तावों में शामिल कर लिया गया है. इसे अब अनिवार्य किया जा रहा है. नयी शिक्षा नीति के मसले पर नयी दिल्ली में आयोजित एक बैठक में निर्णय लिया गया.
इसके अलावा बिहार के दो अन्य शैक्षणिक प्रस्तावों को भी नीतिगत दस्तावेजों में जगह दी गयी है. नयी शिक्षा नीति को फाइनल टच देने के लिए देश के सभी राज्यों की अहम बैठक दिल्ली में मंगलवार को बुलायी गयी है. इसमें बिहार शिक्षा विभाग का प्रतिनिधिमंडल भाग लेने जा रहा है. नयी शिक्षा नीति के तहत होने वाली शिक्षक नियुक्ति के लिए टीइटी मॉडल पर शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी. इसके अलावा कक्षा 2 से 8 तक की पढ़ाई के मूल्यांकन से जुड़ी पद्धति के बिहार मॉडल को नयी शिक्षा नीति में शामिल किया गया है.
कक्षा दो से आठ तक के बच्चों के साप्ताहिक, मासिक, तिमाही, छमाही और वार्षिक मूल्यांकन किये जाते हैं. वे काफी उपयोगी माने गये हैं. इसी तरह बिहार के स्कूलों में कक्षा 5 और 8 के बच्चों के किये जाने वाले असिस्मेंट को भी पूरे देश में लागू किया जायेगा.
राज्य सरकार ने निर्णय ले रखा है कि कक्षा पांच और आठ में जो बच्चे फेल हो जाते हैं,उनकी दो माह की अतिरिक्त पढ़ाई करा कर परीक्षा पास करने योग्य बनाया जाता है. उल्लेखनीय है कि ये सभी प्रावधान आरटीइ के तहत शामिल किये गये हैं. नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दायरे में अब आरटीइ के दायरे का विस्तार किया जा रहा है. अब माध्यमिक कक्षाओं तक प्रभावी होगा. अभी तक इसके दायरे में केवल 14 साल के बच्चे शामिल रहे. अब इसमें 18 साल तक के बच्चे आ सकेंगे. उल्लेखनीय है कि बिहार देश के उन अग्रणी राज्यों में एक था, जिसने आरटीइ दायरे के विस्तार की मांग कर रखी थी.
एमडीएम से हटेंगे शिक्षक
नयी शिक्षा नीति के तहत मध्याह्न भोजन योजना(एमडीएम) में सभी शिक्षकों को हटा लिया जायेगा. दरअसल नयी शिक्षा नीति में विशेषज्ञों ने माना है कि यह गैर शैक्षणिक कार्य है. इससे शिक्षकों को दूर रखा जाना चाहिए.
बिहार लागू करने जा रहा इक्विटी प्रोग्राम
बिहार शिक्षा विभाग समानता कार्यक्रम (इक्विटी प्रोग्राम) लागू करने जा रहा है. इसके तहत टीचरों की दक्षता संवर्धन किया जायेगा. इसके लिए प्रत्येक जिले के माध्यमिक स्कूलों के दो-दो शिक्षकों का चयन किया जा चुका है. यह सभी लोग राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर होंगे. ये गुणवत्तापूर्ण अध्यापन में कमजाेर शिक्षकों को बेहतर बनायेंगे.

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